उत्तराखण्ड

नाबालिग रेप केस में पुलिस की लापरवाही उजागर, महिला हेल्प डेस्क पर गिरी गाज

रुद्रपुर में नाबालिग से जुड़े गंभीर अपराध मामले में पुलिस विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद एसएसपी अजय गणपति ने कड़ा एक्शन लिया है। पीड़िता के साथ दुष्कर्म और समय पर मेडिकल परीक्षण न कराए जाने के मामले में महिला हेल्प डेस्क पर तैनात दो महिला कांस्टेबलों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

जानकारी के अनुसार 17 अप्रैल को रुद्रपुर निवासी एक किशोरी लापता हो गई थी। आरोप है कि उसे एक युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने 18 अप्रैल को किशोरी को उत्तर प्रदेश से बरामद कर लिया, लेकिन गंभीर आरोपों के बावजूद SOP के तहत जरूरी मेडिकल परीक्षण समय पर नहीं कराया गया। बाद में अल्ट्रासाउंड में किशोरी के गर्भवती होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।

मामले में सामने आया कि महिला हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मियों ने सूचना मिलने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर अवगत नहीं कराया और ना ही तत्काल कानूनी प्रक्रिया शुरू की। एसएसपी अजय गणपति ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए हेड कांस्टेबल पायल आर्या और कांस्टेबल मंजू आर्या को सस्पेंड कर दिया। साथ ही पूरे मामले की जांच सीओ पंतनगर डीआर वर्मा को सौंपते हुए सात दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।

पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित दुष्कर्म की घटना कब और कहां हुई। वहीं निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी हुई है।

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