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वक्फ की मनमानी पर लगेगा ब्रेक, बिना पोर्टल एंट्री संपत्ति नहीं मानी जाएगी वैध

उत्तराखंड में वक्फ संपत्तियों को लेकर धामी सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जब तक वक्फ संपत्तियां केंद्र सरकार के ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज नहीं होंगी, तब तक उन्हें वक्फ बोर्ड की संपत्ति नहीं माना जाएगा। इसी बीच राजधानी देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र स्थित चूना भट्टा इलाके के अधोईवाला में वक्फ संपत्ति (कब्रिस्तान संख्या-8) पर कब्जे का मामला चर्चा में आ गया है। स्थानीय निवासी इस्लामुद्दीन अंसारी ने इस संबंध में वक्फ बोर्ड को लिखित शिकायत दी थी।

शिकायत के अनुसार वक्फ जमीन पर करीब 200 मकान और दुकानें बनी हुई हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए वक्फ बोर्ड ने 70 से अधिक कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर संपत्ति के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज पेश करने को कहा है। साथ ही बोर्ड के अनुरोध पर जिला प्रशासन ने जमीन की पैमाइश के आदेश भी दिए हैं। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा कि जिन वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे पाए जाएंगे, उन्हें कब्जा मुक्त करवाकर वहां गरीब मुसलमानों के लिए आवास विकसित किए जाएंगे।

प्रदेश में कुल 7,288 वक्फ संपत्तियां सूचीबद्ध हैं, जिनमें मस्जिद, मदरसे, कब्रिस्तान, ईदगाह और मजार शामिल हैं। हालांकि इनमें से केवल 1,597 संपत्तियां ही ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज हैं, जबकि 5,691 संपत्तियों का अब तक कोई डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।  रकार का कहना है कि कई मामलों में दस्तावेजों की कमी के कारण जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की जा रही है। हालांकि प्रशासन ने इस तर्क को कमजोर बताते हुए कहा है कि मुतवल्लियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सरकार ने सभी संबंधित पक्षों को 5 जून तक का समय दिया है। इसके बाद पोर्टल पर दर्ज न होने वाली संपत्तियों को अवैध कब्जे की श्रेणी में चिन्हित किया जाएगा।

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