उत्तराखण्ड

सोमवती अमावस्या से पहले हरिद्वार जाम से बेहाल, DM और SSP का काफिला फंसा

सोमवती अमावस्या स्नान से पहले ही धर्मनगरी हरिद्वार की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमराती नजर आई। चारधाम यात्रा, वीकेंड और सोमवती अमावस्या के अवसर पर उमड़ी भारी भीड़ के कारण शहर में जगह-जगह लंबा जाम लग गया। हालात इतने बिगड़ गए कि राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर शहर की मुख्य सड़कों, बाजारों और गलियों तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। यातायात व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का काफिला भी जाम में फंस गया। जानकारी के अनुसार हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर शहर के बीचों-बीच लगे जाम में फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई प्रमुख चौराहों पर यातायात नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थे, जिसके कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। स्थिति ऐसी बन गई कि एसएसपी को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्ते का सहारा लेना पड़ा। वहीं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का काफिला भी जाम में फंसा नजर आया।

चारधाम यात्रा सीजन के चलते पहले से ही हरिद्वार में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही वीकेंड और सोमवती अमावस्या स्नान के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक हरिद्वार पहुंचे हैं। बढ़ती भीड़ के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जबकि शहर के भीतर भी वाहनों की आवाजाही बेहद धीमी हो गई। कई स्थानों पर लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा। स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि शहर के भीतर चल रही रोडवेज और टूरिस्ट बसें भी जाम की बड़ी वजह बन रही हैं। संकरी सड़कों पर बड़ी बसों की आवाजाही से बार-बार यातायात बाधित हो रहा है। कई प्रमुख मार्गों पर बसों और निजी वाहनों की भीड़ के चलते स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। इसका असर स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं पर समान रूप से देखने को मिला।

प्रशासन द्वारा सोमवती अमावस्या स्नान को लेकर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किए जाने का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं नाकाफी दिखाई दीं। शहर के कई प्रमुख चौराहों पर यातायात नियंत्रण की व्यवस्था कमजोर नजर आई, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य समय से कई गुना अधिक समय लग रहा है। यातायात व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं कि जब प्रशासन को पहले से लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की जानकारी थी, तो फिर ट्रैफिक प्रबंधन को और अधिक प्रभावी क्यों नहीं बनाया गया। मुख्य स्नान से पहले ही यदि यह स्थिति है, तो स्नान के दिन भीड़ बढ़ने पर हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। प्रशासन और पुलिस विभाग ने लोगों से धैर्य बनाए रखने, निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। वहीं जाम की समस्या को कम करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और यातायात कर्मियों की तैनाती भी की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि मुख्य स्नान से पहले व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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