उत्तर प्रदेश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर CM योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- जांच में कोई साधु-संत दोषी नहीं मिला

CM Yogi Statement: 'जिन्होंने राम मंदिर का विरोध किया, वही आज आस्था की बात कर रहे'

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान हुए हंगामे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले पर विपक्ष पर तीखा निशाना साधा। सदन की कार्यवाही के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी और कैमरों में दिखाई देने वाले संदिग्ध लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के दौरान एसआईटी के पुनर्गठन को लेकर भी निर्देश दिए गए। उनके मुताबिक जांच में किसी साधु-संत के दोषी पाए जाने की बात सामने नहीं आई है। ऐसे में साधु-संतों और मंदिर से जुड़े करीब 1100 कर्मचारियों पर आरोप लगाना उचित नहीं है।

‘जिन्होंने राम मंदिर का विरोध किया, वही अब सवाल उठा रहे’

सीएम योगी ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों के नेताओं ने हमेशा राम जन्मभूमि और भगवान राम से जुड़े मुद्दों का विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में इन दलों के सांसदों की ओर से की गई टिप्पणियां सनातन आस्था के प्रति आपत्तिजनक थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े कार्यक्रम में भी विपक्षी दलों के नेताओं का रुख स्पष्ट रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में आमंत्रण के बावजूद हिस्सा नहीं लिया, वे अब आस्था और सनातन परंपरा पर सवाल उठा रहे हैं। योगी ने कहा कि मंदिर मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों का भाजपा या साधु-संतों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें शामिल लोग पहले भी राम मंदिर का विरोध करते रहे हैं।

यूपी की छवि खराब करने का विपक्ष पर आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब न्यायिक पीठ की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की बात कही गई, तब भी विपक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया। योगी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब पहले वाला ‘बीमारू राज्य’ नहीं रहा है। उनके अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और यूपी देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना रहा है। उन्होंने विपक्ष पर युवाओं के हितों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों ने पहले प्रदेश के युवाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया, वही अब उत्तर प्रदेश की छवि को देशभर में खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।

विधानसभा में हंगामे पर भी सीएम योगी ने जताई नाराजगी

बुधवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश किया गया। बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे ही बोलने के लिए खड़े हुए, समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी सदस्य राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे थे। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुपूरक बजट पर चर्चा का कार्यक्रम पहले से निर्धारित था और विपक्षी सदस्यों को जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने का पूरा अवसर था। योगी ने विपक्ष के हंगामे को सदन की कार्यवाही में अनावश्यक व्यवधान बताते हुए कहा कि ऐसे आचरण से संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचता है।

सीएम की तस्वीर दिखाने पर विधायक को सदन से बाहर किया गया

अनुपूरक बजट पर मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री से संबंधित एक तस्वीर सदन में प्रदर्शित की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नाराजगी जताई। अध्यक्ष ने विधायक को सदन से बाहर करने का आदेश दिया और कहा कि उन्हें पूरे सत्र के लिए सदन से बाहर किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी घटना दोबारा हुई तो विशेषाधिकार नोटिस के जरिए सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सदन में जनता से जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए सभी सदस्यों को पर्याप्त अवसर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष न तो चर्चा में विश्वास कर रहा है और न ही संवैधानिक मूल्यों का सम्मान कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के विकास, धार्मिक पर्यटन और जनहित से जुड़े विषयों पर आगे बढ़ना है। उन्होंने विपक्ष के रवैये को प्रदेश की विकास यात्रा और धार्मिक पर्यटन को प्रभावित करने वाला बताया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parvat Sankalp News