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अमेरिकी प्राइवेसी पर DOGE का हमला: DOB, बैंक अकाउंट और SSN पर मंडराया खतरा, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढ़ी चिंता

अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) को लाखों अमेरिकियों के सोशल सिक्योरिटी डेटा तक पहुंच की इजाजत दे दी।

यह फैसला ट्रम्प प्रशासन की उस अपील के बाद आया, जिसमें उन्होंने एक जिला जज के अप्रैल के आदेश को हटाने की मांग की थी, जिसमें DOGE को सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (SSA) के रिकॉर्ड तक पहुंच से रोका गया था।

कोर्ट ने अपने संक्षिप्त और बिना हस्ताक्षर वाले आदेश में कहा, “SSA अब DOGE टीम के सदस्यों को उनके काम के लिए ज़रूरी रिकॉर्ड तक पहुंच दे सकता है।”

इस फैसले से DOGE को वह डेटा देखने की इजाज़त मिल गई, जिसमें अमेरिकियों की निजी जानकारी शामिल है।
लिबरल जज कर रहे विरोध, प्राइवेसी के खतरे की दे रहे दलील
सुप्रीम कोर्ट के तीन लिबरल जजों ने इस फैसले का विरोध किया। जस्टिस केतांजी ब्राउन जैक्सन ने कहा कि यह कदम लाखों अमेरिकियों की निजता के लिए “गंभीर खतरा” है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस डेटा में सोशल सिक्योरिटी नंबर, जन्म तारीख, पते, बैंक खातों की जानकारी और मेडिकल रिकॉर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी शामिल है।

जैक्सन ने कहा, “सरकार DOGE को बिना किसी रोक-टोक के यह निजी और गैर-अनाम जानकारी तुरंत देना चाहती है, जबकि अदालतों को यह जांचने का मौका भी नहीं मिला कि DOGE की पहुंच कानूनी है या नहीं।”

अप्रैल में जिला जज एलन हॉलैंडर ने अपने फैसले में DOGE कर्मचारियों को ऐसी जानकारी तक पहुंच से रोक दिया था, जिसमें अमेरिकियों की पहचान हो सकती थी, जैसे सोशल सिक्योरिटी नंबर, मेडिकल हिस्ट्री या बैंक रिकॉर्ड।

हॉलैंडर ने कहा था कि SSA केवल गुमनाम या संशोधित रिकॉर्ड ही DOGE को दे सकता है, और वह भी उन कर्मचारियों को, जिन्होंने बैकग्राउंड चेक और संघीय कानूनों व प्राइवेसी नीतियों की ट्रेनिंग पूरी की हो।

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