उत्तराखण्ड

देहरादून: विस्थापितों का वनवास खत्म, DM सविन बंसल ने दिलाया अवैध कब्जे से छुटकारा।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के विकासनगर क्षेत्र से न्याय की एक सुखद तस्वीर सामने आई है। ग्राम अटक फार्म में सालों से अवैध कब्जे की मार झेल रहे टिहरी बांध परियोजना के विस्थापित परिवारों को जिलाधिकारी सविन बंसल की सक्रियता से उनका वैध अधिकार वापस मिल गया है। प्रशासन ने न केवल अवैध रूप से की जा रही खेती और निर्माण को हटाया, बल्कि लाभार्थियों को मौके पर ही कब्जा भी दिलवाया।

क्या था पूरा मामला?

मामला आवासीय भूखंड संख्या-29 और उसके आसपास के प्लॉट्स से जुड़ा था। सुमेर चंद और अन्य विस्थापित परिवारों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि टिहरी बांध परियोजना (THDC) के तहत उन्हें पुनर्वास के लिए जो भूमि आवंटित की गई थी, उस पर कुछ दबंगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। जांच में पाया गया कि एक मध्यमवर्गीय पहाड़ी दंपति की भूमि पर अवैध रूप से गन्ने की खेती और निर्माण कार्य किया जा रहा था।

DM का एक्शन मोड: संयुक्त टीम ने की घेराबंदी

शिकायत मिलते ही डीएम सविन बंसल ने तत्काल उपजिलाधिकारी (SDM) के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम का गठन किया। टीम ने मौके पर जाकर भूखंड संख्या 15, 16, 17, 27, 28 और 29 का बारीकी से निरीक्षण किया। राजस्व अभिलेखों, खसरा संख्या 301, 302, 303 और स्वीकृत नक्शों से मिलान के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो गया।

गन्ने की खेती हटाई, लाभार्थियों के खिले चेहरे

जांच में पुष्टि हुई कि स्वर्गीय कुंदन लाल जोशी के वारिसों ने इस भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा था। प्रशासन ने बिना समय गंवाए बुलडोजर और पुलिस बल की मदद से अवैध निर्माण ध्वस्त किया और फसल को हटाकर भूमि सुमेर चंद व अन्य पात्र लाभार्थियों को सौंप दी। सालों से अपने हक के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे परिवारों ने जब अपनी जमीन पर अपना बोर्ड लगा देखा, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।

“भू-माफियाओं को नहीं बख्शेंगे” – DM सविन बंसल

कार्रवाई के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने सख्त लहजे में कहा कि जिला प्रशासन पात्र लाभार्थियों और विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी या विस्थापितों की भूमि पर कब्जा करने वाले किसी भी भू-माफिया को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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