हरिद्वार में कांग्रेस नेता अशोक शर्मा के होटल पर GST की कार्रवाई, 20 लाख की ITC पर उठे सवाल; दस्तावेज जांच के लिए कब्जे में

हरिद्वार: हरिद्वार की स्थानीय राजनीति में सक्रिय कांग्रेस नेता अशोक शर्मा से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है। मंगलवार को राज्य कर विभाग यानी GST की टीम ने उनके होटल अशोका में जांच की। विभाग की यह कार्रवाई होटल के निर्माण से जुड़े इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दावों की पड़ताल के सिलसिले में की गई। जांच के दौरान अधिकारियों ने होटल से जुड़े कई दस्तावेजों और रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लिया है। विभाग के अनुसार, शुरुआती जांच में करीब 20 लाख रुपये की ऐसी ITC सामने आई, जिसे विभाग ने फिलहाल पात्र नहीं माना।
होटल अशोका में GST टीम की जांच
राज्य कर विभाग की टीम ने होटल में पहुंचकर निर्माण कार्य और उससे जुड़े टैक्स रिकॉर्ड की जांच की। अधिकारियों ने ITC से संबंधित दस्तावेजों के साथ-साथ अन्य वित्तीय रिकॉर्ड भी देखे। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान करीब दो पेटी दस्तावेज टीम ने अपने कब्जे में लिए हैं। इन दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे किस तरह की कार्रवाई की जानी है। सहायक आयुक्त राज्य कर राजीव तिवारी के अनुसार, जांच में करीब 20 लाख रुपये की ITC ऐसी पाई गई, जिसे विभाग ने स्वीकार्य नहीं माना। उनके मुताबिक होटल मालिक अशोक शर्मा ने यह राशि मौके पर ही विभाग के पास जमा कर दी। हालांकि, दस्तावेजों की विस्तृत जांच अभी बाकी है। इसलिए आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तय की जाएगी।
ITC क्या है और मामला किससे जुड़ा है?
इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC वह व्यवस्था है जिसके तहत कारोबारी अपनी खरीद या व्यवसाय से जुड़े खर्चों पर पहले से चुकाए गए GST का क्रेडिट निर्धारित नियमों के तहत ले सकते हैं। होटल निर्माण से जुड़े खर्चों और खरीद पर लिए गए ITC के दावों की ही इस मामले में जांच की जा रही है। विभाग यह देख रहा है कि संबंधित दावे GST के नियमों और उपलब्ध दस्तावेजों के अनुरूप हैं या नहीं।फिलहाल विभाग की ओर से दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है और इसी जांच के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।
सरकार के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे हैं अशोक शर्मा
GST की इस कार्रवाई के बीच कांग्रेस नेता अशोक शर्मा की राजनीतिक गतिविधियां भी चर्चा में हैं। वह पिछले कुछ समय से हरिद्वार की स्थानीय समस्याओं को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ मुखर रहे हैं। अशोक शर्मा ने शहर की सड़कों, सीवर व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं और शौचालयों जैसे मुद्दों को लेकर कई बार सवाल उठाए हैं। उनका कहना रहा है कि शहर में आम लोगों से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं पर प्रशासन को गंभीरता से काम करना चाहिए। हाल ही में उन्होंने हरिद्वार के एक सार्वजनिक शौचालय से जुड़ा मामला भी उठाया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि मूत्रालय के इस्तेमाल के लिए लोगों से 10 रुपये लिए जा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने संबंधित व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।
राजनीतिक सक्रियता के बीच GST कार्रवाई चर्चा में
अशोक शर्मा की राजनीतिक सक्रियता और GST विभाग की ताजा कार्रवाई एक ही समय में सामने आने के कारण मामला स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, GST विभाग की कार्रवाई को लेकर अंतिम स्थिति विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल विभाग ने होटल से संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है। करीब 20 लाख रुपये की ITC को लेकर विभाग ने जो आपत्ति जताई है, उसके संबंध में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।




