DAV PG College Election 2026: अध्यक्ष ABVP का, उपाध्यक्ष पद पर SFI की ऐतिहासिक जीत; शैलेंद्र सिंह नेगी की बड़ी जीत चर्चा में

देहरादून: उत्तराखंड की छात्र राजनीति के लिहाज से अहम माने जाने वाले देहरादून के DAV PG College छात्रसंघ चुनाव 2026-27 के नतीजे सामने आ चुके हैं। चुनाव में अध्यक्ष पद पर ABVP के नवदीप राणा ने जीत दर्ज की, लेकिन परिणामों में सबसे ज्यादा चर्चा उपाध्यक्ष पद की रही, जहां SFI के शैलेंद्र सिंह नेगी ने बड़ी जीत हासिल की। DAV PG College में छह पदों के लिए कुल 28 प्रत्याशी मैदान में थे। अध्यक्ष पद पर ABVP और NSUI के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जबकि उपाध्यक्ष पद पर SFI और अन्य प्रत्याशी के बीच मुकाबला हुआ। मतगणना के दौरान कॉलेज परिसर में हंगामे की स्थिति भी बनी।
अध्यक्ष पद पर ABVP के नवदीप राणा की जीत
अध्यक्ष पद पर ABVP के नवदीप राणा ने NSUI के सौरभ सेमवाल को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की। उपलब्ध परिणामों के अनुसार नवदीप राणा को 1,759 वोट, जबकि सौरभ सेमवाल को 1,665 वोट मिले। इस तरह नवदीप राणा ने 94 वोट के अंतर से अध्यक्ष पद अपने नाम किया। एक अन्य रिपोर्ट में जीत का अंतर 96 वोट बताया गया है, इसलिए अलग-अलग रिपोर्टों में मामूली अंतर दिखाई देता है। अध्यक्ष पद की दौड़ में आर्यन छात्र संगठन के अमित सिंह भी मैदान में थे। उन्हें 998 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे। तान्या को 36 वोट प्राप्त हुए। यानी अध्यक्ष पद का मुकाबला सिर्फ दो प्रत्याशियों तक सीमित नहीं था। बहुकोणीय मुकाबले के बावजूद नवदीप राणा ने सबसे अधिक मत हासिल किए।

उपाध्यक्ष पद पर SFI के शैलेंद्र सिंह नेगी की बड़ी जीत
इस चुनाव का सबसे चर्चित परिणाम उपाध्यक्ष पद का रहा। Students’ Federation of India यानी SFI के शैलेंद्र सिंह नेगी ने 2,253 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। रिपोर्टों के अनुसार शैलेंद्र सिंह नेगी ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 785 वोट के बड़े अंतर से हराया। खास बात यह है कि SFI ने DAV छात्रसंघ चुनाव में केवल उपाध्यक्ष पद पर ही प्रत्याशी उतारा था। SFI के लिए यह परिणाम इसलिए भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है क्योंकि उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक DAV PG College के छात्रसंघ चुनाव के इतिहास में SFI की यह पहली जीत है।
सिर्फ एक पद पर चुनाव, फिर भी बड़ी जीत
SFI ने इस बार DAV में सभी पदों पर चुनाव लड़ने के बजाय केवल उपाध्यक्ष पद पर अपना उम्मीदवार उतारा। इसके बावजूद शैलेंद्र सिंह नेगी को मिले वोट और जीत का अंतर चुनाव के प्रमुख आंकड़ों में शामिल हो गया। अध्यक्ष पद पर विजेता और उपाध्यक्ष पद पर विजेता के बीच वोटों के अंतर की तुलना करें तो दोनों मुकाबलों की प्रकृति अलग नजर आती है। अध्यक्ष पद पर ABVP की जीत 94 वोट के आसपास रही, जबकि उपाध्यक्ष पद पर SFI की जीत का अंतर 785 वोट रहा।हालांकि, इस एक परिणाम को पूरे छात्र समुदाय की वैचारिक पसंद या भविष्य की राजनीतिक दिशा का निर्णायक प्रमाण मानना उचित नहीं होगा। छात्रसंघ चुनावों में स्थानीय मुद्दे, प्रत्याशी की व्यक्तिगत लोकप्रियता, संगठनात्मक नेटवर्क और कॉलेज स्तर के समीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सचिव पद पर निर्दलीय नीलांश की जीत
DAV छात्रसंघ चुनाव में सचिव पद का परिणाम भी दिलचस्प रहा। यहां निर्दलीय प्रत्याशी नीलांश ने जीत दर्ज की। उपलब्ध परिणामों के अनुसार नीलांश ने सत्यम शिवम छात्र संगठन के दीपक राणा को 402 मतों के अंतर से हराया। इस तरह छात्रसंघ के प्रमुख पदों में से एक पर किसी बड़े छात्र संगठन के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी ने कब्जा किया।
सह-सचिव पद पर अनुष्का ठाकुर की बड़ी जीत
सह-सचिव के छात्रा आरक्षित पद के लिए इस बार सबसे ज्यादा 10 प्रत्याशी मैदान में थीं। इतने प्रत्याशियों के बीच हुए मुकाबले में अनुष्का ठाकुर ने जीत दर्ज की। रिपोर्ट के मुताबिक अनुष्का ठाकुर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 892 वोट के अंतर से हराया।
कोषाध्यक्ष पद पर अंजलि भट्ट विजयी
कोषाध्यक्ष पद के लिए छह प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ। इसमें अंजलि भट्ट ने जीत दर्ज की। उनकी जीत का अंतर भी काफी बड़ा रहा। उपलब्ध परिणामों के अनुसार अंजलि भट्ट ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 1,507 मतों के अंतर से हराया।
विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर अनुज डोभाल की जीत
विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर अनुज डोभाल विजयी रहे। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 1,247 वोटों के अंतर से हराया। इस तरह छह प्रमुख पदों के परिणामों में अध्यक्ष पद ABVP, उपाध्यक्ष SFI और सचिव पद निर्दलीय प्रत्याशी के खाते में गया, जबकि अन्य पदों पर भी अलग-अलग प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।
चुनाव के दौरान हंगामे से भी चर्चा में रहा DAV
इस बार DAV PG College का चुनाव सिर्फ परिणामों के कारण ही सुर्खियों में नहीं रहा। मतदान से लेकर मतगणना तक कई मौकों पर तनाव की स्थिति सामने आई। मतगणना के दौरान ABVP और NSUI समर्थकों के बीच विवाद की खबरें सामने आईं। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक स्थिति बिगड़ने पर मतगणना स्थल पर तोड़फोड़ हुई और टेबल-कुर्सियां भी क्षतिग्रस्त हुईं। मतदान के दौरान भी पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद हुआ था। NSUI और कांग्रेस से जुड़े लोगों की ओर से पुलिस कार्रवाई पर विरोध जताए जाने की खबरें सामने आई थीं।
DAV के चुनाव परिणामों में दिखी बहुकोणीय तस्वीर
इस बार के चुनाव परिणामों की खास बात यह रही कि छात्रसंघ के सभी प्रमुख पदों पर किसी एक संगठन का दबदबा नहीं रहा।
अध्यक्ष — नवदीप राणा, ABVP
उपाध्यक्ष — शैलेंद्र सिंह नेगी, SFI
सचिव — नीलांश, निर्दलीय
सह-सचिव — अनुष्का ठाकुर
कोषाध्यक्ष — अंजलि भट्ट
विश्वविद्यालय प्रतिनिधि — अनुज डोभाल
इन नतीजों से इतना स्पष्ट है कि DAV में छात्र राजनीति इस बार बहुकोणीय रही और अलग-अलग पदों पर अलग-अलग प्रत्याशियों ने सफलता हासिल की।
SFI की जीत ने क्यों खींचा ध्यान?
SFI के शैलेंद्र सिंह नेगी की जीत का चर्चा में आने का एक प्रमुख कारण जीत का अंतर और संगठन की रणनीति है। SFI ने सिर्फ उपाध्यक्ष पद पर प्रत्याशी उतारा और उसी सीट पर बड़ी जीत हासिल की। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि इस परिणाम से यह निष्कर्ष सीधे नहीं निकाला जा सकता कि पूरे DAV परिसर के छात्रों का रुझान किसी एक विचारधारा की ओर निर्णायक रूप से बदल गया है। इसके लिए व्यापक स्तर पर छात्र मतदान के आंकड़ों और अलग-अलग पदों के परिणामों का विश्लेषण जरूरी होगा। फिलहाल इतना जरूर है कि DAV PG College के 2026-27 छात्रसंघ चुनाव में ABVP ने अध्यक्ष पद बरकरार रखा, जबकि SFI ने उपाध्यक्ष पद पर बड़ी जीत के साथ पहली बार अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। यही इस चुनाव का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला परिणाम बन गया है।




