डीएवी छात्रसंघ चुनाव के बीच विनीत प्रसाद भट्ट हिरासत में, कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

देहरादून: डीएवी पीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव के बीच मंगलवार को देहरादून में राजनीतिक और छात्र राजनीति से जुड़ा माहौल गरमा गया। कांग्रेस प्रदेश सचिव एवं पूर्व एनएसयूआई जिला अध्यक्ष विनीत प्रसाद भट्ट उर्फ बंटू को पुलिस ने हिरासत में लिया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, यह कार्रवाई उनके खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) से जुड़े पुराने मामले में गिरफ्तारी के प्रयास के बीच हुई। इससे पहले सोमवार रात कांग्रेस और एनएसयूआई से जुड़े कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में एसएसपी आवास तक मार्च किया था।
डीएवी परिसर से हिरासत में लिए गए विनीत प्रसाद
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे पुलिस ने विनीत प्रसाद भट्ट को डीएवी पीजी कॉलेज परिसर से हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें रायपुर थाने ले जाया गया। कांग्रेस से जुड़े नेता और कार्यकर्ता उनके बारे में जानकारी लेने तथा उनसे मुलाकात के लिए रायपुर थाने पहुंचे। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब डीएवी पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान हो रहा था। कॉलेज में छह पदों के लिए कुल 29 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी, एनएसयूआई और अन्य छात्र संगठनों से जुड़े प्रत्याशियों के अलावा निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में थे।
कांग्रेस भवन में पुलिस पहुंचने के बाद बढ़ा विवाद
विनीत प्रसाद भट्ट के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने सोमवार को कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में भी कार्रवाई की थी। कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के मुताबिक, पुलिस टीम एसपी सिटी शेखर सुयाल की मौजूदगी में राजपुर रोड स्थित कांग्रेस भवन पहुंची थी। कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि कार्रवाई के दौरान विनीत प्रसाद भट्ट वहां से निकल गए। इसके बाद उनकी तलाश जारी रही और बाद में उन्हें डीएवी कॉलेज परिसर से हिरासत में लिया गया। वहीं, पुलिस कार्रवाई की पृष्ठभूमि में सामने आए पुराने मुकदमों और अदालत से जारी वारंट को लेकर कांग्रेस तथा पुलिस पक्ष के दावों में अंतर है। पुलिस कार्रवाई को छात्रसंघ चुनाव से जोड़कर देखे जाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस की कार्रवाई वारंट से संबंधित बताई जा रही है।
कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने विनीत प्रसाद भट्ट की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि छात्रसंघ चुनाव के दौरान कांग्रेस और एनएसयूआई से जुड़े नेताओं के खिलाफ कार्रवाई से चुनावी माहौल प्रभावित हो सकता है। गोदियाल ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर देते हैं। उनके अनुसार, चुनाव के दौरान किसी छात्र संगठन या उसके नेताओं पर पुलिस कार्रवाई होने से छात्रों के बीच दबाव का माहौल बनने की आशंका रहती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार छात्रसंघ चुनाव में कांग्रेस समर्थित छात्र संगठनों को दबाव में लेने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है। ये कांग्रेस के आरोप हैं; इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग से नहीं हुई है।
पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
विनीत प्रसाद भट्ट के खिलाफ वारंट और गिरफ्तारी के प्रयास की सूचना के बाद सोमवार रात कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता राजपुर रोड स्थित कांग्रेस भवन में जुटे थे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने एसएसपी आवास की ओर कूच किया और पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद की स्थिति बनी और कुछ कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस नेताओं ने कार्रवाई को छात्रसंघ चुनाव से ठीक पहले की गई कार्रवाई बताते हुए इसे चुनावी माहौल से जोड़कर सवाल उठाए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने भी लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने आरोप लगाया कि विनीत प्रसाद भट्ट के खिलाफ पुराने मामलों को आधार बनाकर छात्रसंघ चुनाव के दौरान कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि भट्ट लंबे समय तक छात्र राजनीति से जुड़े रहे हैं और वर्तमान में कांग्रेस प्रदेश सचिव हैं। बिष्ट ने दावा किया कि कांग्रेस इस मामले में विनीत प्रसाद भट्ट के साथ खड़ी है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर विरोध जारी रखने की बात कही। हालांकि, कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए इन आरोपों और पुलिस कार्रवाई के बीच कारणात्मक संबंध की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं होती है। वारंट से जुड़े मूल मामले की कानूनी स्थिति अलग विषय है।
डीएवी में पहले से तेज था चुनावी माहौल
डीएवी पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से गतिविधियां तेज थीं। अलग-अलग छात्र संगठनों ने रैलियां और शक्ति प्रदर्शन किए थे। चुनाव के लिए छह पदों पर 29 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के नवदीप राणा, एनएसयूआई के सौरभ सेमवाल और अन्य प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। चुनावी गतिविधियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस-प्रशासन की सक्रियता बढ़ी हुई थी।
हिरासत के बाद अब आगे क्या?
विनीत प्रसाद भट्ट को रायपुर थाने ले जाने के बाद कांग्रेस नेताओं की ओर से उनसे मुलाकात का प्रयास किया गया। अब मामले में आगे की कार्रवाई अदालत और पुलिस प्रक्रिया के अनुसार होगी। छात्रसंघ चुनाव के बीच हुई इस कार्रवाई ने डीएवी परिसर की छात्र राजनीति को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है। एक तरफ कांग्रेस इसे चुनावी माहौल से जोड़कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी ओर उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस कार्रवाई को उनके खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट से जोड़ा गया है। ऐसे में पूरे मामले में पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और वारंट से जुड़े रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।



