UKSSSC ड्राइवर भर्ती मेरिट लिस्ट पर बवाल, आयोग ने दी सफाई

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की वाहन चालक भर्ती परीक्षा की अनंतिम मेरिट सूची जारी होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर मेरिट सूची में शामिल कुछ अभ्यर्थियों के नाम और जेंडर संबंधी प्रविष्टियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। मामले ने तूल पकड़ने के बाद आयोग को सार्वजनिक रूप से सफाई जारी करनी पड़ी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सूची में दिखाई दे रही सभी जानकारियां अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन के दौरान स्वयं दर्ज की गई थीं और उन्हें बिना किसी बदलाव के प्रकाशित किया गया है।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब आयोग की ओर से जारी अनंतिम श्रेष्ठता सूची में “Explore Gyan” और “OKOL” जैसे असामान्य नाम दिखाई दिए। इन नामों के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे, जिसके बाद कई लोगों ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। बेरोजगार संगठनों ने भी मामले को गंभीर बताते हुए जांच की मांग की। हालांकि आयोग ने साफ किया कि यह किसी तकनीकी गड़बड़ी या डेटा एंट्री की त्रुटि का परिणाम नहीं है, बल्कि संबंधित अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्र में यही नाम दर्ज किए थे।

मेरिट सूची में दर्ज जेंडर संबंधी जानकारी को लेकर भी विवाद सामने आया है। कुछ अभ्यर्थियों के जेंडर को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए गए और आरोप लगाया गया कि महिला उम्मीदवारों को पुरुष तथा पुरुष उम्मीदवारों को महिला दर्शाया गया है। इस पर आयोग ने कहा कि ऑनलाइन आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों ने जो जानकारी दर्ज की थी, उसी के आधार पर रिकॉर्ड तैयार किया गया है। आवेदन पत्र में भरी गई जानकारी की जिम्मेदारी स्वयं उम्मीदवारों की होती है।

इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक और विवाद तब सामने आया जब कुछ अभ्यर्थियों ने दावा किया कि अधिक अंक प्राप्त करने के बावजूद उनके नाम मेरिट सूची में शामिल नहीं किए गए, जबकि उनसे कम अंक पाने वाले उम्मीदवारों को सूची में जगह मिल गई। आयोग ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि कई अभ्यर्थी केवल उत्तर कुंजी के आधार पर अपने संभावित अंक निकाल रहे हैं, जबकि वास्तविक मूल्यांकन में ओएमआर शीट की त्रुटियां, गलत उत्तर भरना, एक से अधिक विकल्प चिन्हित करना या अन्य तकनीकी कारण अंक प्रभावित कर सकते हैं। आयोग ने कहा कि किसी भी अभ्यर्थी को आपत्ति होने पर वह नियमानुसार अपना पक्ष रख सकता है।

गौरतलब है कि वाहन चालक एवं प्रवर्तन चालक के 75 पदों पर भर्ती के लिए 31 मई 2026 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा की प्रारंभिक उत्तर कुंजी 2 जून को जारी हुई थी, जिस पर 3 से 7 जून तक अभ्यर्थियों से आपत्तियां प्राप्त की गईं। विशेषज्ञ समिति द्वारा आपत्तियों की समीक्षा के बाद संशोधित उत्तर कुंजी तैयार की गई और उसके आधार पर छह गुना अभ्यर्थियों की अनंतिम मेरिट सूची जारी की गई। इस प्रक्रिया के तहत कुल 450 उम्मीदवारों को ड्राइविंग दक्षता परीक्षा के लिए चयनित किया गया है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में जारी सूची अंतिम चयन सूची नहीं है। चयनित अभ्यर्थियों को पहले ड्राइविंग स्किल टेस्ट देना होगा, जिसके बाद विस्तृत दस्तावेज सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान आवेदन पत्र में दी गई सभी जानकारियों का मूल दस्तावेजों से मिलान होगा। यदि किसी अभ्यर्थी द्वारा गलत नाम, गलत जेंडर, फर्जी शैक्षणिक योग्यता या अन्य भ्रामक जानकारी दिए जाने की पुष्टि होती है तो उसकी उम्मीदवारी तत्काल रद्द कर दी जाएगी।

यूकेएसएसएससी अध्यक्ष जी.एस. मर्तोलिया ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना आयोग की प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि गलत जानकारी देकर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को न केवल चयन से बाहर किया जाएगा, बल्कि भविष्य की भर्ती परीक्षाओं से भी प्रतिबंधित किया जा सकता है।

फिलहाल पूरे मामले में अब सभी की नजर आगामी ड्राइविंग दक्षता परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पर टिकी हुई है। इसी चरण में यह स्पष्ट हो सकेगा कि मेरिट सूची में सामने आई विसंगतियां वास्तव में आवेदन के दौरान दी गई गलत जानकारियों का परिणाम हैं या फिर किसी अन्य कारण से उत्पन्न हुई हैं।

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