हरियाणा

अंबाला में NH-44 पर बड़ा बवाल, प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

अंबाला के पंजोखरा साहिब विवाद के बाद कई घंटे तक बंद रहे NH-44 को खुलवाने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हाईवे से हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया। इसके बाद हाईवे पर यातायात व्यवस्था को धीरे-धीरे सामान्य कराया गया। पुलिस कार्रवाई के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान एक डीएसपी के अंगूठे में गंभीर चोट लगी और उनका अंगूठा कट गया। वहीं, प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने की सूचना है। फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। यह पूरा विवाद अंबाला के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में 7 अगस्त को श्री गुरु हरकिशन साहिब के प्रकाश पर्व के अवसर पर हुई घटना के बाद शुरू हुआ था। उस दिन IAKTF (ऑल इंडिया कीर्तन फेडरेशन) के नेशनल प्रेसिडेंट गुरसिमरन सिंह मंड गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने पहुंचे थे।

जानकारी के मुताबिक, गुरसिमरन सिंह मंड की गाड़ी से एक पाठी के पैर पर चोट लगने की घटना हुई। बताया गया कि गाड़ी का पहिया पाठी के पैर पर चढ़ गया था। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में नाराजगी फैल गई और देखते ही देखते मामला विवाद में बदल गया। इसके बाद सिख समाज से जुड़े लोगों ने घटना पर विरोध जताते हुए गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों की ओर से एफआईआर दर्ज करने और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की गई। इसी के साथ गिरफ्तार किए गए सिख युवाओं की रिहाई की मांग भी सामने आई। विरोध बढ़ने के बाद प्रदर्शनकारियों ने अंबाला-दिल्ली NH-44 को जाम कर दिया। हाईवे पर बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस और प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से रास्ता खाली करने की अपील की गई, लेकिन कई घंटे तक स्थिति बनी रही।

हाईवे लंबे समय तक बंद रहने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया। कार्रवाई के बाद NH-44 पर यातायात को फिर से सुचारू कराया गया। घटना के बाद प्रशासन के सामने अब कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पूरे विवाद की निष्पक्ष जांच की चुनौती है। पुलिस कार्रवाई में घायल पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। मामले से जुड़े सभी पक्षों के बयानों और घटनाक्रम की जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parvat Sankalp News