उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मुहिम लगातार जारी रहेगी और किसी भी दोषी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। हरिद्वार नगर निगम भूमि प्रकरण में जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम जांच में सामने आए हैं, उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का स्पष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उन सभी अधिकारियों के लिए भी एक बड़ा संदेश है जो नियमों और कानूनों का उपयोग अपने निजी हितों के लिए करने का प्रयास करते हैं।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ कई ऐतिहासिक कदम उठा चुके हैं। उन्होंने भर्ती घोटालों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने न केवल दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की, बल्कि पूरे नकल माफिया तंत्र को ध्वस्त करने का काम भी किया। इसके साथ ही राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसने देशभर में एक नई मिसाल पेश की। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड के इस कानून का अध्ययन कई अन्य राज्यों ने भी किया और अपने यहां इसी तरह की व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए।
भट्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की प्रतिबद्धता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विजिलेंस विभाग अब तक 250 से अधिक रिश्वतखोरी के मामलों में आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुका है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है और आम जनता का विश्वास भी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर हर शिकायत का गंभीरता से संज्ञान लिया जा रहा है और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां आम लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सिफारिशों का सहारा लेना पड़ता था, वहीं अब व्यवस्था अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनी है। थानों और चौकियों में भी आम जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जा रहा है और बिना किसी दबाव या सिफारिश के कार्रवाई की जा रही है।