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पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर फैसला, विदेश जाने पर लगी रोक

राउज एवेन्यू कोर्ट शुक्रवार को धन शोधन मामले में दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए उन्हें 50 हजार रुपये के मुचलके पर सशर्त जमानत दे दी। उनके देश से बाहर जाने कोर्ट ने रोक लगा दी है। जैन को ईडी ने 30 मई 2022 को उनसे कथित तौर पर जुड़ी चार कंपनियों के जरिए धन शोधन के आरोप में गिरफ्तार किया था।

इससे पहले सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश राकेश स्याल ने आरोपियों और ईडी की ओर से आवेदन पर दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। जैन के वकील ने अदालत से कहा था कि उन्हें आगे हिरासत में रखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा। ईडी ने आवेदन का विरोध करते हुए कहा था कि यदि जैन को रिहा किया गया तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। ईडी का मामला 2017 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जैन के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी से सामने आया है।

जैन पर आरोप है कि उन्होंने 2009-10 और 2010-11 में फर्जी कंपनियां बनाईं। इन कंपनियों में अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, इंडो मेटल इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड, प्रयास इंफो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इस मामले में ईडी ने सत्येंद्र जैन के अलावा जिन्हें आरोपी बनाया है उनमें उनकी पत्नी पूनम जैन, अजीत प्रसाद जैन, सुनील कुमार जैन, वैभव जैन, अंकुश जैन, मेसर्स अकिंचन डेवलपर्स प्राईवेट लिमिटेड, मेसर्स प्रयास इंफो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और जेजे आइडियल इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है। ईडी ने सत्येंद्र जैन को 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया था।

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