उत्तराखण्डराष्ट्रीय

नाइजीरिया में फसें हल्द्वानी और देहरादून के युवक

तेल चोरी के आरोप में दक्षिण अफ्रीका में गिनी की नौसेना ने भारतीय क्रू के करीब 16 लोगों सहित 26 मर्चेंट नेवी में कार्यरत युवकों को अपनी हिरासत में लेकर नजर बंद कर दिया. जिसमे से दो युवक उत्तराखंड के हल्द्वानी और देहरादून के रहने वाले है, मामले की सूचना मिलने के बाद से अब परिवार वालो का रो रो कर बुरा हाल है।

वहीं आपको बता दें कि अभी इस वक़्त सभी युवकों को गिनी की नौसेना ने अपनी हिरासत में लिया है जिसमे से आज 15 लोगों को वहा की नौसेना ने नजबंद कर दिया है। वही परिजनों ने पीएम से पूरे मामले पर तुरंत कारवाही की बात कही है। सौरभ की पत्नी शोभा ने बताया की आजकल में गिनी की नौसेना उनको नाइजीरिया लेजाने वाली है जिसके बाद उनसे उनके परिजनों की बात भी नहीं हो पायेगीदक्षिण अफ्रीका गिनी में फसे भारतीय क्रू एजेंट क्यों मुश्किल है दिन पर दिन बढ़ती जा रही है।

नाइजीरिया में फसें भारतीय
नाइजीरिया में फसें भारतीय

जामुन के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है तो वही गिनी नौसेना की कैद में फंसे सभी युवकों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। क्रू एजेंट गिनी से ताजा मामला आज का है जहां पर क्रू एजेंट द्वारा एक वीडियो बनाया गया जिसमें वह रोते हुए नजर आ रहे हैं साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी से अपनी जान की सुरक्षा की गुहार लगा रहे। वीडियो में उन्होंने कहा है कि हमको केवल नरेंद्र मोदी ही बचा सकते हैं। गुहार लगाते हुए उन्होंने कहा कि हमारे इस वीडियो को पीएम नरेंद्र मोदी तक पहुंचाने की कृपा करें ताकि दक्षिण अफ्रीका में फंसे हम सभी युवक यहां से रिहा होकर अपने वतन भारत वापस आ सके।

वहीं रोते हुए सभी युवकों ने यह भी कहा है कि उनकी शिप को नाइजीरिया ने अपने कब्जे में ले लिया है . और आज उन सभी एजेंटों को भी नाइजीरिया के हेड ओवर किया जा रहा है जिसके बाद उनको भी नहीं पता कि उनका क्या हाल होगा. उन्होंने कहा कि आज के बाद हम कोई भी अपडेट या वीडियो नहीं बना सकते हैं क्योंकि हमारे फोन भी ले लिए जाएंगे।

 

यह भी पढ़ें:-https://parvatsankalpnews.com/chief-minister-dhami-planted-a-state-tree-bush-in-the-chief-ministers-residence-complex-today/

यह भी देखें:-https://www.youtube.com/watch?v=XH3F4sXXEz8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parvat Sankalp News