पंजाब में बढ़ी स्कूलों की सर्दी छुट्टियां, 7 जनवरी तक बंद रहेंगे सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल

पंजाब में लगातार बढ़ रही कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों की सर्दी की छुट्टियां बढ़ाने का फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने घोषणा करते हुए बताया कि विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ की सुरक्षा तथा स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए राज्य के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त और निजी स्कूलों को 7 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। अब प्रदेश के सभी स्कूल 8 जनवरी से अपने निर्धारित समय के अनुसार दोबारा खुलेंगे।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में लगातार गिरते तापमान, घने कोहरे और शीतलहर जैसी परिस्थितियों को देखते हुए बच्चों को स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं माना जा रहा था। इसी कारण छुट्टियों की अवधि को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

गौरतलब है कि नए साल के अवसर पर पंजाब के कई हिस्सों में बारिश भी दर्ज की गई, जिसके बाद ठंड और अधिक बढ़ गई है। राज्य के कई जिलों में सुबह और देर रात घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई है और सड़क यातायात भी प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले सात दिनों तक पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में घना कोहरा, शीतलहर और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड का असर और ज्यादा बढ़ सकता है। कई जिलों में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनने की संभावना है, जहां दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा सकता है। ठंडी हवाओं और धूप न निकलने के कारण लोगों को दिन के समय भी सर्दी का सामना करना पड़ सकता है।

राज्य सरकार ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान रखें और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। वहीं प्रशासन को भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाए जाने के फैसले से लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को राहत मिली है, क्योंकि लगातार खराब मौसम और घने कोहरे के बीच बच्चों का स्कूल जाना चिंता का विषय बना हुआ था।

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