उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में डेंगू का हाहाकार भाजपा नेता समेत दो की मौत, राज्य में मिले डेंगू के कुल 1262 मामले 

देहरादून:- उत्तराखंड में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। शुरुआती चरण में जहां देहरादून व अन्य मैदानी जिलों में ही डेंगू की बीमारी फैलाने वाले एडीज मच्छर की सक्रियता बनी हुई थी, वहीं अब पहाड़ में भी मामले मिल रहे हैं।

सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ लगी हुई है। डेंगू मरीजों के इलाज के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्ड भी लगभग फुल हैं।

मंगलवार को प्रदेश में 80 और लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। सबसे अधिक हरिद्वार में 26 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई। इसके अलावा देहरादून में 23, नैनीताल में 17, पौड़ी में 10, अल्मोड़ा व चमोली में दो-दो लोगों को डेंगू का डंक लगा है। राहत इस बात की है कि डेंगू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है।

राज्य में अभी तक डेंगू के कुल 1262 मामले मिल चुके हैं। जिनमें से 932 लोग स्वस्थ हो चुके हैं और वर्तमान में 317 सक्रिय मरीज हैं। वहीं डेंगू से अब तक 13 लोगों की मौत भी हो चुकी है। ये सभी मौत देहरादून जनपद में हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, देहरादून में इस सीजन में अभी तक डेंगू के सर्वाधिक 705 मामले मिले चुके हैं। इसके अलावा हरिद्वार में 217, नैनीताल में 168, पौड़ी में 119, ऊधमसिंहनगर में 27, चमोली में 15, अल्मोड़ा में पांच, रुद्रप्रयाग में चार और बागेश्वर में दो मामले मिले हैं।

इसके अलावा धरातल पर भी व्यापक स्तर पर डेंगू नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम की टीमें जगह-जगह फागिंग व लार्वानाशक दवा का छिड़काव कर रही हैं। घर-घर जाकर लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके एडीज मच्छर की सक्रियता तेजी से बढ़ती जा रही है।

शहर से देहात तक डेंगू का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। रुड़की शहर से सटे मेहवड़ गांव में डेंगू से भाजपा नेता समेत दो की मौत हो गई। इस गांव में संदिग्ध बुखार से अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, माजरी गांव में स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाकर 33 लोगों में डेंगू की आशंका के चलते उनके सैंपल लिए हैं। करीब डेढ़ सौ लोग इस गांव में बुखार से पीड़ित हैं, जबकि 15 से अधिक लोगों का विभिन्न अस्पताल में उपचार चल रहा है।

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