उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में कथित चोरी के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सोशल मीडिया पर सामने आए कथित वीडियो और अन्य साक्ष्यों का हवाला देते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने सरकार पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप भी लगाया। गणेश गोदियाल ने कहा कि बद्रीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और यहां भगवान को श्रद्धा भाव से चढ़ाया गया दान किसी व्यक्ति या संस्था की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों के विश्वास का प्रतीक है। ऐसे पवित्र स्थल पर यदि चढ़ावे में कथित अनियमितता या चोरी जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो यह अत्यंत गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित वीडियो और उपलब्ध तथ्यों ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह केवल वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं और विश्वास के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को मामले की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय उसे दबाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
JPC गठन की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तत्काल संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का गठन किया जाए। उनका कहना है कि विपक्ष की भागीदारी वाली जांच से पूरे मामले की पारदर्शी तरीके से जांच हो सकेगी और जनता के सामने वास्तविक तथ्य आएंगे।
न्यायिक जांच की भी मांग
गणेश गोदियाल ने कहा कि यदि सरकार संयुक्त संसदीय समिति के गठन के लिए तैयार नहीं है, तो मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध होनी चाहिए ताकि किसी भी दोषी को बचने का अवसर न मिले।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है, उन्हें जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने यह भी कहा कि किसी छोटे कर्मचारी पर जिम्मेदारी डालकर वास्तविक दोषियों को बचाने का प्रयास नहीं होना चाहिए। मामले में जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाए, उसके खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।
आस्था से जुड़ा विषय, जनता के बीच जाएगी कांग्रेस
गणेश गोदियाल ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा हुआ है। देवभूमि उत्तराखंड के चारधाम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विश्वास और आध्यात्मिक आस्था का केंद्र हैं। यदि ऐसे स्थानों पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई, तो इससे राज्य की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और जब तक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध और आंदोलन जारी रखेगी।