उत्तराखंड कांग्रेस से इस समय की बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोपों में बड़ा कदम उठाते हुए तीन नेताओं को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश कांग्रेस के भीतर अनुशासन को लेकर स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी आदेश के अनुसार पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र लुंठी, पूर्व महिला जिलाध्यक्ष भावना नगरकोटी तथा दीपक लुंठी को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के बाद छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया है। यह कार्रवाई प्रदेश कांग्रेस महामंत्री (संगठन) राजेन्द्र सिंह भंडारी द्वारा जारी पत्र के माध्यम से की गई।
परिवर्तन संकल्प सम्मेलन में हुई थी अनुशासनहीनता
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री (संगठन) राजेन्द्र सिंह भंडारी ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार पूरे उत्तराखंड में “परिवर्तन संकल्प सम्मेलन” आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 30 जून को प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। पार्टी के अनुसार इस कार्यक्रम के दौरान महेंद्र लुंठी, भावना नगरकोटी और दीपक लुंठी ने अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न किया। आरोप है कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में ऐसा आचरण किया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा प्रभावित हुई। कांग्रेस ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधि माना।
नोटिस जारी कर मांगा गया था स्पष्टीकरण
प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तीनों नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में तीन दिन के भीतर लिखित जवाब देने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही जिला कांग्रेस कमेटी, पिथौरागढ़ से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की गई। पार्टी नेतृत्व द्वारा प्राप्त रिपोर्ट, संबंधित तथ्यों तथा राष्ट्रीय नेतृत्व से प्राप्त दिशा-निर्देशों के आधार पर तीनों नेताओं के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से छह वर्षों के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया।
कांग्रेस का स्पष्ट संदेश—अनुशासन से कोई समझौता नहीं
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री (संगठन) राजेन्द्र सिंह भंडारी ने कहा कि कांग्रेस एक अनुशासित राजनीतिक संगठन है और पार्टी विरोधी गतिविधियों या अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन की मर्यादा और अनुशासन सर्वोपरि है तथा भविष्य में भी जो कोई पार्टी की निर्धारित अनुशासन रेखा का उल्लंघन करेगा, उसके विरुद्ध इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कार्रवाई प्रदेश कांग्रेस की ओर से संगठनात्मक अनुशासन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।