दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर 90 दिन में गड्ढे! वायरल वीडियो ने खोली 12 हजार करोड़ की परियोजना की पोल

दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा को तेज और सुगम बनाने के उद्देश्य से तैयार किए गए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को देश की महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल किया गया था। 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया गया और 15 अप्रैल से इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया। लेकिन उद्घाटन के करीब तीन महीने के भीतर ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इस बहुचर्चित परियोजना की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में एक्सप्रेसवे के एक हिस्से पर बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं।

वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दो लोग एक्सप्रेसवे पर खड़े होकर तेज रफ्तार से आने वाले वाहनों को सावधानी बरतने और दूसरी ओर से निकलने का इशारा करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में सड़क के बीच बने बड़े गड्ढे स्पष्ट रूप से नजर आते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका जताई जा रही है। वीडियो बना रहा व्यक्ति दावा करता है कि उसके सामने कई वाहन इन गड्ढों की वजह से अपना संतुलन खो चुके हैं। वह यह भी कहता है कि कुछ वाहनों के अलॉय व्हील क्षतिग्रस्त हो गए। वीडियो में वह अपनी गाड़ी का टेढ़ा हुआ अलॉय व्हील भी दिखाता है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की ओर से भी इस वीडियो को लेकर आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है।

पहली बारिश के बाद उठे निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

वायरल वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स दावा कर रहे हैं कि पहली ही बरसात के बाद सड़क पर गड्ढे बन जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब और एक्सप्रेसवे के किस हिस्से का है। इस संबंध में संबंधित एजेंसियों द्वारा आधिकारिक जांच या पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना है एक्सप्रेसवे

करीब 212 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग ₹12,000 करोड़ की लागत से किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय को लगभग छह घंटे से घटाकर दो से ढाई घंटे करना है। सरकार का दावा रहा है कि यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार को नई गति देगा। साथ ही यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उत्तराखंड के बीच बेहतर कनेक्टिविटी का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

सोशल मीडिया पर तेज हुई चर्चा

वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर लोग एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई यूजर्स निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि यदि सड़क वास्तव में क्षतिग्रस्त हुई है तो संबंधित एजेंसी को तत्काल मरम्मत करानी चाहिए ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर लगाए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया और जांच रिपोर्ट के बाद ही सड़क की वास्तविक स्थिति और कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

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