एसजीपीसी का बड़ा फैसला, भगवंत मान से मांगी सार्वजनिक माफी और इस्तीफा

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में आयोजित पंथक सम्मेलन में मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। सम्मेलन में शामिल धार्मिक नेताओं, जत्थेदारों और विभिन्न सिख संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। सम्मेलन में श्री अकाल तख्त साहिब के फैसले के समर्थन में प्रस्ताव पारित करते हुए कहा गया कि यदि सरकार ने इन मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की तो पंथक स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके तहत गांव-गांव संघर्ष समितियां और गुरसिख कमेटियां गठित कर लोगों तक पंथ का संदेश पहुंचाया जाएगा।

एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि यह बैठक 15 जून को श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी आदेश के अनुरूप केवल गुरु दोखी से जुड़े मुद्दे पर केंद्रित है। उन्होंने सभी वक्ताओं से अपील की कि वे बेअदबी विधेयक पर चर्चा न करें क्योंकि यह मामला फिलहाल श्री अकाल तख्त साहिब के विचाराधीन है। धामी ने कहा कि किसी भी प्रकार का टकराव समाधान नहीं है और मुख्यमंत्री भगवंत मान को अपनी कथित टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगकर विवाद समाप्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा और सम्मान बनाए रखना पूरे सिख समाज की जिम्मेदारी है।

श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार बाबा टेक सिंह धनौला ने कहा कि सरकारें समय-समय पर बदलती रहती हैं, लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता और मर्यादा हमेशा कायम रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के बयानों के कारण विवाद की स्थिति पैदा हुई है और सरकारों को धार्मिक संस्थाओं के मामलों में हस्तक्षेप से बचना चाहिए। वहीं पंथक प्रचारक अमरीक सिंह बल्लोवाल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग मुख्यमंत्री के समर्थन में बयान देकर श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार भ्रामक रिपोर्टों के माध्यम से धार्मिक संस्थाओं के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास कर रही है।

सम्मेलन में एडवोकेट पूर्ण सिंह हुंदल, संत बाबा प्रीतम सिंह दुबेली वाले और निरमले संप्रदाय के बाबा तेजा सिंह खुड्डियां वाले सहित कई धार्मिक नेताओं ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का सम्मान करने, सोशल मीडिया पर फैल रही कथित अफवाहों से सावधान रहने और पूरे सिख समाज से एकजुट रहने की अपील की। सम्मेलन में पारित प्रस्तावों में श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई गई, आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा की गई कथित टिप्पणियों की निंदा की गई तथा एसजीपीसी के प्रत्येक हलके में बड़े पंथक सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा गांव स्तर पर गुरसिख कमेटियां और संघर्ष समितियां गठित करने तथा विभिन्न सिख संस्थाओं, संप्रदायों, सिंह सभाओं, टकसालों, मिशनरी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से श्री अकाल तख्त साहिब की सरपरस्ती में एकजुट होकर सिख समाज की एकता, मजबूती और सम्मान की रक्षा के लिए संगठित रूप से कार्य करने का आह्वान किया गया।

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