राजधानी देहरादून के भविष्य की विकास रूपरेखा तय करने वाले मास्टर प्लान-2041 को अंतिम रूप देने की दिशा में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने जनसुनवाई प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल का उद्देश्य शहर के विकास से जुड़े प्रत्येक वर्ग की राय, सुझाव और समस्याओं को सीधे सुनकर उन्हें मास्टर प्लान में शामिल करना है। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है। यह अभियान 6 जुलाई से 21 जुलाई तक चलेगा, जिसके तहत एमडीडीए के सभी 12 सेक्टरों में अलग-अलग तिथियों पर जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में स्थानीय नागरिक, भू-स्वामी, व्यापारी, सामाजिक संगठन और अन्य हितधारक अपनी आपत्तियां, सुझाव और मांगें सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल औपचारिक प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि नागरिकों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि लैंड यूज़ परिवर्तन (Land Use Change), भूमि संबंधी विवाद, विकास योजनाओं से जुड़े सुझाव तथा अन्य स्थानीय समस्याओं पर मौके पर ही सुनवाई की जाएगी और नियमानुसार समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान-2041 केवल भवन निर्माण या भूमि उपयोग तक सीमित दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह अगले डेढ़ दशक तक देहरादून के समग्र और संतुलित विकास की आधारशिला होगा। इसमें शहर की बढ़ती आबादी, यातायात, पार्किंग, आवास, सार्वजनिक सुविधाएं, पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र, जल निकासी, सड़क नेटवर्क और आधुनिक शहरी ढांचे जैसी सभी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक योजना तैयार की जा रही है।
बंशीधर तिवारी ने कहा कि राजधानी में ग्रीनरी बढ़ाने, पर्याप्त पार्किंग सुविधाएं विकसित करने, बेहतर यातायात प्रबंधन, सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक एवं सुव्यवस्थित शहरी वातावरण तैयार करने जैसे विषयों को मास्टर प्लान में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जनसुनवाई में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराएं, ताकि देहरादून का मास्टर प्लान-2041 वास्तव में जनता की जरूरतों और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सके।