पटेलनगर में स्कूटी चोरी का खुलासा, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर वाहन किया बरामद

देहरादून: पटेलनगर क्षेत्र में हुई स्कूटी चोरी की घटना का दून पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से चोरी की गई एक्टिवा स्कूटी UK-07-DA-4494 भी बरामद कर ली गई है। यह कार्रवाई कोतवाली पटेलनगर पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर की।
सहारनपुर रोड क्षेत्र से चोरी हुई थी स्कूटी
पुलिस के अनुसार, 26 अगस्त 2026 को सहारनपुर रोड, बीओबी के पास रहने वाले एक व्यक्ति ने कोतवाली पटेलनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने उनकी एक्टिवा स्कूटी UK-07-DA-4494 को पटेलनगर क्षेत्र से चोरी कर लिया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मु0अ0सं0 561/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया और चोर की तलाश शुरू कर दी।
CCTV फुटेज से पुलिस को मिला सुराग
घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज से संदिग्ध के संबंध में अहम जानकारी जुटाई गई। इसके बाद पुलिस को मुखबिर से भी सूचना मिली। प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने 27 अगस्त 2026 को चक्की टोला जाने वाले रास्ते पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध को चोरी की स्कूटी के साथ पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राहुल थापा पुत्र रमेश थापा, निवासी लक्खीबाग, सहारनपुर चौक, देहरादून, उम्र 32 वर्ष के रूप में हुई।
नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी का दावा
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह नशे का आदी है और अपनी नशे की जरूरत पूरी करने के लिए उसने स्कूटी चोरी की थी। पूछताछ के दौरान आरोपी के पूर्व में जेल जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
चोरी की स्कूटी बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में चोरी की गई एक्टिवा स्कूटी UK-07-DA-4494 बरामद कर ली है। पुलिस के मुताबिक, वाहन चोरी की घटना का खुलासा करते हुए आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में:
- उपनिरीक्षक ओमवीर सिंह
- कांस्टेबल संजीव कुमार
- कांस्टेबल सौरभ कुमार
शामिल रहे।
नोट: आरोपी से संबंधित नशे की लत और पूर्व आपराधिक गतिविधियों की जानकारी पुलिस पूछताछ/प्रेस नोट के आधार पर है; अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगी।



