हरियाणा विधानसभा सत्र के पहले दिन CM सैनी ने डॉ. अंबेडकर को किया नमन, संविधान को याद किया – Parvat Sankalp News

हरियाणा विधानसभा सत्र के पहले दिन CM सैनी ने डॉ. अंबेडकर को किया नमन, संविधान को याद किया

हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा परिसर में प्रवेश करने से पहले संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब की प्रतिमा के चरणों में पुष्प अर्पित करते हुए उनके संघर्ष, विचारों और सामाजिक न्याय के लिए किए गए योगदान को याद किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल देश के महान संविधानविद् ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को अधिकार, सम्मान और आत्मसम्मान के साथ जीने की राह दिखाई। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी देश के लोकतांत्रिक और सामाजिक जीवन को दिशा देने का काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “सिर झुकता है उस महान विचार के आगे, जिसने करोड़ों लोगों को सिर उठाकर जीना सिखाया।” उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर का पूरा जीवन संघर्ष, शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ भेदभाव के खिलाफ आवाज बुलंद की और समानता की मजबूत नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सीएम सैनी ने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय के अधिकार दिए। संविधान ने यह सुनिश्चित किया कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिले। मुख्यमंत्री के अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संविधान के मूल्यों और उसकी भावना का सम्मान करना बेहद जरूरी है।

विधानसभा लोकतंत्र का महत्वपूर्ण मंच है, जहां प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है और जनहित से जुड़े फैसले लिए जाते हैं। ऐसे में विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री द्वारा डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करना संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान का संदेश भी माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक बदलाव का सबसे प्रभावी माध्यम माना और समाज के अंतिम व्यक्ति तक समान अवसर और अधिकार पहुंचाने पर जोर दिया। उनके विचार आज भी सामाजिक समानता, न्याय और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए प्रासंगिक हैं।

मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा में सरकार और विपक्ष के बीच प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार की ओर से विकास, जनकल्याण और प्रदेश से संबंधित नीतियों को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा, जबकि विपक्ष विभिन्न जनसमस्याओं और सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठा सकता है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा विधानसभा पहुंचने से पहले बाबा साहेब को नमन किए जाने को इसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संवैधानिक मूल्यों से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश के माध्यम से समानता, सामाजिक न्याय और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। विधानसभा सत्र के दौरान अब जनहित से जुड़े मुद्दों पर होने वाली चर्चा और सरकार-विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस पर सभी की नजर रहेगी।

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