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योग आपसी समन्वय और सहयोग को भी सुदृढ़ करता है: योगाचार्या डॉ रुचिता उपाध्याय

देहरादून/ हरिद्वार, 23 जून। द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून में आज अधिकारियों एवं कर्मचारियों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य संवर्धन हेतु एक विशेष योग एवं आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को स्वस्थ जीवनशैली, तनाव प्रबंधन तथा कार्यकुशलता वृद्धि के लिए योग एवं आयुर्वेद के महत्व से परिचित कराना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. बी. आर. सिंह ने की। शिविर में अश्वमेध हेल्थ एंड वेलनेस संस्थान की योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ, कॉरपोरेट योग प्रशिक्षक एवं वेलनेस प्रमोटर डॉ. रुचिता उपाध्याय ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को योगाभ्यास का विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्रीय प्रबंधक मोना सूरी द्वारा मुख्य अतिथि डॉ. रुचिता उपाध्याय एवं अति विशिष्ट अतिथि आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. अवनीश कुमार उपाध्याय के स्वागत एवं अभिनंदन से हुआ।
अपने स्वागत उद्बोधन में डॉ. बी. आर. सिंह ने कहा कि “योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो मनुष्य को शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति एवं आत्मिक संतुलन प्रदान करता है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।”
मुख्य वक्ता एवं कॉरपोरेट योग विशेषज्ञ डॉ. रुचिता उपाध्याय ने अपने प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को सूक्ष्म व्यायाम, विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान साधना का क्रमबद्ध अभ्यास कराया। उन्होंने शरीर के विभिन्न अंगों को सक्रिय एवं सशक्त बनाने हेतु सूक्ष्म व्यायामों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला तथा बताया कि यह अभ्यास शरीर में रक्तसंचार को संतुलित कर स्नायु तंत्र को सुदृढ़ बनाते हैं।
उन्होंने प्रतिभागियों को वज्रासन, शशकासन तथा मंडूकासन जैसे सरल एवं प्रभावी योगासनों का अभ्यास कराया तथा इनके स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी दी। इसके उपरांत उन्होंने अनुलोम-विलोम, उज्जायी, भ्रामरी एवं नाड़ी शोधन प्राणायाम का अभ्यास कराते हुए श्वसन तंत्र की शुद्धि, मानसिक एकाग्रता एवं तनाव मुक्ति में इनके महत्व को स्पष्ट किया।
ध्यान सत्र के दौरान डॉ. रुचिता उपाध्याय ने उपस्थित प्रतिभागियों को मानसिक शांति, आत्मनियंत्रण एवं सकारात्मक ऊर्जा के विकास हेतु ध्यान की विशेष विधियों का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि “नियमित योगाभ्यास एवं ध्यान न केवल व्यक्ति को रोगमुक्त रखने में सहायक है, बल्कि कार्यस्थल पर उसकी उत्पादकता, निर्णय क्षमता एवं मानसिक संतुलन और आपसी समन्वय को भी सुदृढ़ करता है।”
अति विशिष्ट अतिथि डॉ. अवनीश कुमार उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि “योग एवं आयुर्वेद दोनों ही भारतीय चिकित्सा परंपरा के ऐसे आधार स्तंभ हैं, जो व्यक्ति को स्वस्थ, संतुलित एवं दीर्घायु जीवन प्रदान करते हैं। वर्तमान समय में जीवनशैली जनित रोगों से बचाव के लिए इनका समन्वित प्रयोग अत्यंत उपयोगी है।”
कार्यक्रम में मोना सूरी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “ऐसे आरोग्य एवं वेलनेस कार्यक्रम कर्मचारियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ कार्यस्थल पर सकारात्मक वातावरण निर्माण में भी सहायक सिद्ध होते हैं।”
इस योग एवं आरोग्य शिविर में सक्रिय सहभागिता करने वाले प्रतिभागियों में प्रमुख रूप से —
बी. आर. सिंह, मोना सूरी, राजबीर सिंह, मनीष जोशी, ए. एस. राणा, मुक्ता कंसल, एन. एन. नौटियाल, मंजीत सिंह यादव, प्रियंका चौहान, पूजा गर्ग, ऋषभ कला, राजेंद्र भट्ट, पुष्पा चौधरी, आरुषि अग्रवाल, पुलकावली गुप्ता, आश्मिता पांडेय, राकेश कुमार, उत्तम शर्मा, अमन जस्सल, संकल्प शर्मा, अंकित भट्ट, गौरव सिद्धार्थ, सलोनी रावत, बिक्रम राणा, आस्था जोशी, टी. एस. भंडारी, विकास सिंघल, पूजा, पिंगला कैंथुरा, ममता बमराड़ा एवं गौरव मिश्रा सम्मिलित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इस शिविर को अत्यंत प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक एवं स्वास्थ्यवर्धक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता व्यक्त की।

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