उत्तराखंड में बारिश का कहर! रुद्रप्रयाग में उफनी अलकनंदा, मसूरी में लैंडस्लाइड से रेस्टोरेंट तबाह

रुद्रप्रयाग/मसूरी: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ों में तेज बारिश, भूस्खलन और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में हालात गंभीर बना दिए हैं। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी उफान पर है, जबकि मसूरी में देर रात हुए भारी भूस्खलन ने एक रेस्टोरेंट को पूरी तरह तबाह कर दिया। प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और संबंधित विभाग लगातार राहत एवं निगरानी कार्य में जुटे हुए हैं।

रुद्रप्रयाग में उफनी अलकनंदा, बढ़ा खतरा
लगातार बारिश के कारण रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कई स्थानों पर नदी का बहाव अत्यंत तेज हो गया है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। बेलनी क्षेत्र में स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा भी नदी के बढ़े जलस्तर में आंशिक रूप से जलमग्न दिखाई दी, जिसने लोगों को स्थिति की गंभीरता का एहसास कराया। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से नदी के पास न जाने और मौसम संबंधी सभी सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आपदा प्रबंधन टीमें लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं।
सुरक्षा के मद्देनज़र स्कूलों में अवकाश
भारी वर्षा और संभावित जोखिम को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिले के सभी विद्यालयों में एहतियातन अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम सामान्य होने के बाद ही शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से शुरू की जाएंगी।
केदारनाथ यात्रा पर असर, कई जगह भूस्खलन
लगातार बारिश का असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ा है। केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर काकड़ा सहित कई संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। पहाड़ियों से भारी चट्टानें और मलबा सड़क पर आने से यातायात बाधित हुआ और सुरक्षा कारणों से यात्रा संचालन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की आधिकारिक जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा अनावश्यक यात्रा से बचें।
मसूरी में देर रात लैंडस्लाइड, रेस्टोरेंट मलबे में दबा
उधर, मसूरी में देर रात हुई तेज बारिश के बाद मसूरी-देहरादून मार्ग के पानी वाले बैंड क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से गिरे विशाल बोल्डर और भारी मलबे की चपेट में आकर सड़क किनारे स्थित एक रेस्टोरेंट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि रेस्टोरेंट में मौजूद सभी लोग समय रहते बाहर निकल गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और संचालक को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।

एक बार फिर उजड़ी मेहनत
स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 2025 की आपदा में भी यही रेस्टोरेंट गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ था। लंबे समय की मेहनत और निवेश के बाद इसे दोबारा तैयार किया गया था, लेकिन इस बार फिर भारी बारिश और भूस्खलन ने उसे तबाह कर दिया। इससे स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ गई है।
मसूरी के कई मार्गों पर मलबा, यातायात प्रभावित
भारी बारिश के कारण मसूरी-देहरादून मार्ग और मसूरी-कैंपटी रोड (राष्ट्रीय राजमार्ग-707A) के कई हिस्सों में भूस्खलन हुआ। सड़कों पर मलबा और चट्टानें आने से घंटों तक यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम ने जेसीबी मशीनों की सहायता से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया। प्रशासन का कहना है कि मार्गों को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाकर यातायात सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थायी समाधान की उठी मांग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पानी वाले बैंड और आसपास के क्षेत्रों में हर मानसून के दौरान भूस्खलन की घटनाएं होती हैं, लेकिन अब तक स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। उनका मानना है कि यदि वैज्ञानिक तरीके से भू-सुरक्षा कार्य, रिटेनिंग वॉल और ड्रेनेज सिस्टम विकसित नहीं किए गए, तो हर वर्ष पर्यटन, व्यापार और आम जनजीवन इसी तरह प्रभावित होता रहेगा।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और पहाड़ी मार्गों पर अनावश्यक आवाजाही से बचें। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक सलाह का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।




