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देहरादून-मसूरी मार्ग पर मंडराया लैंडस्लाइड का खतरा, ULMMC ने चिन्हित किए कई संवेदनशील जोन, रिपोर्ट के बाद शुरू होंगे सुरक्षा कार्य

देहरादून। उत्तराखंड में सक्रिय मानसून के चलते लगातार हो रही बारिश अब पहाड़ी इलाकों में मुश्किलें बढ़ाने लगी है। राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड), सड़क धंसने और पहाड़ों से मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सबसे अधिक प्रभावित मार्गों में देहरादून-मसूरी रोड शामिल है, जहां लगातार हो रहे भूस्खलन ने प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (PWD) और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। देहरादून और मसूरी को जोड़ने वाला यह मार्ग राज्य के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण पर्यटन मार्गों में से एक माना जाता है। हर साल लाखों पर्यटक इसी सड़क के जरिए मसूरी पहुंचते हैं। लेकिन इस बार मानसून की शुरुआत के साथ ही कई स्थानों पर पहाड़ों से मलबा और पत्थर गिरने की घटनाओं ने इस मार्ग की संवेदनशीलता को फिर उजागर कर दिया है।

लगातार बारिश से बढ़ा भूस्खलन का खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि कम समय में अत्यधिक वर्षा होने से पहाड़ी ढलानों (Slope) पर पानी का दबाव तेजी से बढ़ जाता है। इससे मिट्टी और चट्टानों की पकड़ कमजोर होने लगती है और अचानक लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आती हैं। पिछले वर्ष भी भारी बारिश के दौरान देहरादून-मसूरी मार्ग को काफी नुकसान पहुंचा था। कई स्थानों पर सड़क धंस गई थी, जबकि कई जगहों पर लगातार मलबा गिरने के कारण यातायात बाधित हुआ था। इस वर्ष भी हालात कुछ ऐसे ही दिखाई देने लगे हैं। हाल ही में हुए भूस्खलन के कारण प्रशासन को कुछ समय के लिए मार्ग बंद करना पड़ा था। बाद में मलबा हटाने और सड़क को सुरक्षित बनाने के बाद यातायात दोबारा बहाल किया गया।

ULMMC ने किया विस्तृत तकनीकी सर्वे

लगातार बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने उत्तराखंड लैंडस्लाइड मिटिगेशन एंड मैनेजमेंट सेंटर (ULMMC) से पूरे मार्ग का तकनीकी अध्ययन कराया। विशेषज्ञों की टीम ने सड़क के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर उन स्थानों की पहचान की, जहां भविष्य में भूस्खलन की आशंका सबसे अधिक है। हालांकि अंतिम रिपोर्ट अभी विभाग को आधिकारिक रूप से नहीं मिली है, लेकिन अध्ययन पूरा हो चुका है।

तीन से चार लैंडस्लाइड जोन बने सबसे ज्यादा संवेदनशील

प्रारंभिक अध्ययन में देहरादून-मसूरी मार्ग पर करीब तीन से चार स्थानों को अत्यधिक संवेदनशील (Landslide Prone Zone) के रूप में चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में लगातार पहाड़ों से पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे ढलानों की स्थिरता प्रभावित हो रही है। यदि लगातार तेज बारिश जारी रहती है तो इन स्थानों पर कभी भी बड़े भूस्खलन की स्थिति बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन इलाकों में जल निकासी (Drainage System) मजबूत करना, ढलानों को वैज्ञानिक तरीके से स्थिर करना (Slope Stabilization) और सुरक्षा दीवारों जैसी संरचनाएं विकसित करना बेहद जरूरी है।

एक स्थान पर शुरू हुआ सुरक्षा कार्य

लोक निर्माण विभाग ने अध्ययन में चिन्हित एक संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि अन्य चिन्हित क्षेत्रों में अभी स्थायी समाधान किया जाना बाकी है। रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग इन सभी स्थानों पर वैज्ञानिक उपायों के तहत ड्रेनेज सिस्टम, रिटेनिंग स्ट्रक्चर और स्लोप स्टेबिलाइजेशन जैसे कार्य शुरू करेगा।

जिलाधिकारी ने क्या कहा?

देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने कहा कि ULMMC की अंतिम रिपोर्ट अभी जिला प्रशासन को प्राप्त नहीं हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ स्थानों को अत्यधिक संवेदनशील माना गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित विभागों के साथ मिलकर आवश्यक सुरक्षा कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे, ताकि भविष्य में होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

PWD इंजीनियर ने बताई वजह

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार के अनुसार पिछले वर्ष और इस बार सड़क को हुए नुकसान की सबसे बड़ी वजह कम समय में अत्यधिक बारिश होना है। उन्होंने बताया कि जब बहुत कम समय में अधिक मात्रा में बारिश होती है तो प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है। इससे पहाड़ी ढलानों में पानी का रिसाव बढ़ने लगता है और मिट्टी तथा चट्टानों की पकड़ कमजोर हो जाती है। यही कारण है कि कई स्थानों पर अचानक मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरते हैं।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन

देहरादून-मसूरी मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग की जीवनरेखा माना जाता है। मसूरी आने वाले अधिकांश पर्यटक इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। सड़क बंद होने से स्थानीय व्यापार, होटल व्यवसाय, टैक्सी संचालकों और पर्यटन से जुड़े हजारों लोगों पर सीधा असर पड़ता है। यही वजह है कि विशेषज्ञ समय रहते वैज्ञानिक उपाय अपनाने पर जोर दे रहे हैं। उनका मानना है कि यदि चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में जल्द स्थायी सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो आगामी बारिश में फिर से सड़क बंद होने और बड़े नुकसान की आशंका बनी रहेगी। फिलहाल प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी के बीच यात्रियों और पर्यटकों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

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