उत्तराखण्ड

केदारनाथ हेली सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया हुई शुरू, दूरी के हिसाब से लिया जाता है किराया

देहरादून: उत्तराखंड में अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विभाग भी तैयारियों में जुट गया है।  शासन के निर्देश पर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (यूकाडा) ने केदारनाथ व हेमकुंड साहिब में हेली सेवा संचालन को टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस टेंडर प्रक्रिया में सभी हेली कंपनियां तीन वर्ष के लिए अनुमानित किराया बताएंगी। टेंडर में दर्ज किराये का अध्ययन करने के बाद हेली सेवाओं का किराया तय किया जाएगा।

केदारनाथ व हेमकुंड साहिब के लिए संचालित होती हैं हेली सेवाएं

प्रदेश में हर साल चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ व हेमकुंड साहिब के लिए हेली सेवाएं संचालित होती हैं। केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाएं केदारघाटी के फाटा, सिरसी और गुप्तकाशी में बनाए गए अस्थायी हेलीपैड से संचालित की जाती हैं।

दूरी के हिसाब से इनका किराया तय किया जाता है। हेली कंपनियों को संचालन की अनुमति देने से पहले नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की टीम हेलीपैड का मौका मुआयना करती हैं। व्यवस्था सही पाए जाने के बाद हेली कंपनियों का किराया तय किया जाता है। अप्रैल में शासन हेली सेवाओं के लिए बुकिंग शुरू कर देता है।

हेली सेवाओं का किराया तय करने के लिए शासन ने वर्ष 2019 में तीन साल के लिए टेंडर किए गए थे। इसमें यह तय किया गया था कि तीन साल तक हेली सेवा का किराया नहीं बढ़ाया जाएगा। इसी आधार पर हेली कंपनियों से अनुबंध भी किया गया था। इस वर्ष अनुबंध की सीमा समाप्त हो चुकी है। ऐसे में नागरिक उड्डयन विभाग ने नए सिरे से किराया तय करने के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। सचिव नागरिक उड्डयन दिलीप जावलकर ने बताया कि केदारनाथ हेली सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद हेली सेवाओं का किराया अगले तीन वर्ष के लिए तय कर दिया जाएगा।

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