उत्तराखण्ड

विश्व हृदय दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में जांच शिविर के माध्यम से चला जागरुकता अभियान

विश्व हृदय दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.), चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उत्तराखंड द्वारा प्रदेशभर में हृदय रोग की जानकारी व रोकथाम हेतु वृहद जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य जांच व अन्य गतिविधियां संचालित की गई। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को हृदय रोग से होने वाली बीमारी के प्रति जागरुक करना है। इसके साथ ही, हृदय को स्वस्थ रखने के लिए उचित आहार और व्यायाम की सलाह प्रदान करना है।

प्रदेशभर के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए जिसमें 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों की रक्तचाप, शुगर जांच की गई। हृदय रोगों, उनके कारणों और लक्षणों पर स्वास्थ्य वार्ता आयोजित हुई ताकि शीघ्र ही हृदय रोग के निदान और उपचार की रोकथाम हेतु इलाज किया जा सके। हृदय रोगों से बचाव और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने को बढ़ावा देने के लिए जागरुकता संबंधी पुस्तिका, पत्रिका भी वितरित किए गए।

29 सितंबर को मनाया गया विश्व हृदय दिवस एक वैश्विक अभियान है, जिसकी मदद से लोगों को यह बताया गया कि हृदय संबंधी बीमारियों से कैसे बचा जा सकता है। हृदय रोग गैर-संचारी रोग है जो कि प्रत्येक वर्ष पूरी दुनिया में करीब 1.7 करोड़ मौतों का कारण बनता है। भारत में होने वाली कुल मृत्यु में से 60 प्रतिशत मृत्यु गैर-संचारी रोग के कारण ही होती है। हृदय रोग का मुख्य कारण धूम्रपान, खराब खान-पान व व्यायाम की कमी है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय कैंसर, ह्रदय रोग, मधुमेह एवं स्ट्रोक नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम (एन.पी.सी.डी.सी.एस.) के माध्यम से उत्तराखंड राज्य में गैर-संचारी रोग के रोकथाम व मृत्यु दर को कम करने के लिए अधिक से अधिक व्यक्तियों की स्क्रीनिंग एवं उपचार प्रदान करने हेतु ‘‘जनआरोग्य अभियान- एक कदम स्वस्थ जीवन की ओर’’ का आयोजन प्रदेश के सभी जनपदों एवं ब्लॉक स्तर पर किया जा रहा है।

हृदय को सदैव स्वस्थ और प्रसन्न रखने के लिए जीवन से तनाव को दूर करें, नियमित योग व व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें, पौष्टिक भोजन के साथ स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली को अपनाएं। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि भारत सरकार के ईट राईट कैंपेन के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, सही खान-पान के साथ ही उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों से निर्मित खाद्य सामाग्री को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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