उत्तराखण्ड

नौकरी का झांसा देकर 32 लाख की ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, नेपाल भागने की फिराक में था

देहरादून:-  सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में नेहरू कॉलोनी पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने एक निजी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के रूप में काम करने वाली महिला को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने और शादी का भरोसा देकर अलग-अलग किस्तों में करीब 32 लाख रुपये ठग लिए थे। आरोपी की गिरफ्तारी पिथौरागढ़ के एंचोली क्षेत्र से की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान चारू चन्द्र जोशी (34) पुत्र उमेश चन्द्र जोशी, निवासी ग्राम सिली, पोस्ट गरुड़, थाना बैजनाथ, बागेश्वर के रूप में हुई है। वर्तमान में वह हल्द्वानी के दून एरिया स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी में रह रहा था।

शादी डॉट कॉम के जरिए हुई थी मुलाकात

पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया कि उसकी आरोपी से मुलाकात शादी डॉट कॉम के माध्यम से हुई थी। आरोपी ने खुद को स्वास्थ्य विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर बताते हुए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से करीबी संपर्क होने का दावा किया। इसके बाद उसने महिला को शादी करने और स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। आरोप है कि इसी झांसे में लेकर आरोपी ने महिला से अलग-अलग तारीखों में करीब 32 लाख रुपये ले लिए। शिकायत के आधार पर नेहरू कॉलोनी थाने में मुकदमा संख्या 331/2026 दर्ज किया गया।

पुलिस से बचने के लिए बदल रहा था ठिकाने

मामले की गंभीरता को देखते हुए देहरादून एसएसपी ने आरोपी की गिरफ्तारी और साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस टीम को निर्देश दिए। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी के खिलाफ पहले भी नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं और वह पूर्व में जेल जा चुका है। पुलिस ने सर्विलांस और अन्य माध्यमों से आरोपी की तलाश शुरू की। जांच में जानकारी मिली कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है और पिथौरागढ़ के रास्ते नेपाल भागने की कोशिश में है। इसके बाद देहरादून पुलिस ने पिथौरागढ़ पुलिस से समन्वय किया और टीम को वहां भेजा। पुलिस ने गोपनीय सूचना के आधार पर 21 अगस्त 2026 को पिथौरागढ़ के एंचोली क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे स्थानीय न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड हासिल की गई और देहरादून लाया गया।

स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट रह चुका है आरोपी

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2016 में स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत था। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2022 में नैनीताल जिले में उसके खिलाफ धोखाधड़ी और दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए और जेल जाने के बाद उसे स्वास्थ्य विभाग की नौकरी से हटा दिया गया था। पुलिस का कहना है कि जेल से बाहर आने के बाद आरोपी ने अपनी पूर्व नौकरी और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी पहचान का फायदा उठाना शुरू किया। वह खुद को विभाग में तैनात बताकर अधिकारियों से अच्छी पहचान होने का दावा करता और सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देता था।

नौकरी के नाम पर रकम ऐंठने का आरोप

पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर मोटी रकम लेता था। मौजूदा मामले में महिला से प्राप्त रकम में से अधिकांश पैसा उसने अपने खिलाफ पहले से दर्ज मुकदमों के कथित सेटलमेंट में संबंधित लोगों को देने की बात पूछताछ में बताई है। पुलिस अब उसके बयानों का दस्तावेजी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन कर रही है। जांच में अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने कहा है कि आरोपी द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी करना सामने आया है। हालांकि, किसी परीक्षा एजेंसी या चयन प्रक्रिया से जुड़े व्यक्तियों के साथ उसके संपर्क में होने के साक्ष्य अब तक नहीं मिले हैं।

आरोपी पर पहले से सात मुकदमे दर्ज

पुलिस के अनुसार चारू चन्द्र जोशी के खिलाफ नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक मामलों समेत सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हल्द्वानी, ऋषिकेश, मुखानी, काशीपुर और नेहरू कॉलोनी थाने के मामले शामिल हैं। उसके खिलाफ दर्ज मामलों में वर्ष 2022 के कई धोखाधड़ी के मुकदमों के अलावा धारा 376(2) भादवि का मामला भी शामिल है। वर्ष 2024 में काशीपुर में बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज हुआ था। वर्तमान प्रकरण में नेहरू कॉलोनी थाने में धारा 318(4) और 319(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज है।

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