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पीएम मोदी ने पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना का किया शुभारंभ

बीते वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण बहुत लोगों की मृत्यु हुई जिसमें कई मासूम बच्चे अनाथ हो गए। जिनके लिए अब अनाथ हुए बच्चों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना का शुभारंभ हो चुका है। जिसके तहत अब से अनाथ हुए बच्चों के बैंक खातों में पीएम केयर्स फंड से छात्रवृत्ति भेजी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, सरकार अनाथ बच्चों के साथ है। हम बच्चों की हर तरह से उनकी सहायता करेंगें।

आज इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, मैं आपसे परिवार के सदस्य के तौर पर बात कर रहा हूं। मैं जानता हूं कोरोना की वजह से जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके जीवन में आया ये बदलाव कितना कठिन है। जो चला जाता है, उसकी हमारे पास सिर्फ चंद यादें ही रह जाती हैं, लेकिन जो रह जाता है उसके सामने चुनौतियां का सामना करना पड़ता है हाजाओं चुनौतियां उन लोगो को घेर लेती है। नई दिल्ली बीते वर्ष कोरोना संक्रमण ने लाखों जिंदगियों को ले लिया। जिसमें कई मासूम बच्चे अनाथ हो गए। जिनके लिए अब अनाथ हुए बच्चों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना का शुभारंभ हो चुका है। जिसके तहत अब से अनाथ हुए बच्चों के बैंक खातों में पीएम केयर्स फंड से छात्रवृत्ति भेजी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, सरकार अनाथ बच्चों के साथ है। हम बच्चों की हर तरह से उनकी सहायता करेंगें।

पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना का शुभारंभ

आज इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, मैं आपसे परिवार के सदस्य के तौर पर बात कर रहा हूं। मैं जानता हूं कोरोना की वजह से जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके जीवन में आया ये बदलाव कितना कठिन है। जो चला जाता है, उसकी हमारे पास सिर्फ चंद यादें ही रह जाती हैं, लेकिन जो रह जाता है उसके सामने चुनौतियां का सामना करना पड़ता है हजारों चुनौतियां उन लोगों को घेर लेती है।
बच्चा होगा बीमार तो मिलेगा मुफ्त इलाज-आज पीएम ने इस बात की भी घोषणा की कि,अगर कोई बच्चा बीमार पड़ता है तो उसे इलाज के लिए पैसे चाहिए। ऐसे में बच्चों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन के माध्यम से आपको आयुष्मान हेल्थ कार्ड दिया जा रहा है, इससे पांच लाख तक इलाज की मुफ्त मिल सकेगा।

बच्चों के लिए 4 हजार रुपए हर महीने

प्रधानमंत्री ने कहा, रोजमर्रा की दूसरी जरूरतों के लिए अन्य योजनाओं के माध्यम से ऐसे बच्चों के लिए 4 हजार रुपए हर महीने की व्यवस्था भी की गई है। ऐसे बच्चे जब अपने स्कूल की पढ़ाई पूरी करेंगे, तो आगे भविष्य के लिए और भी पैसों की जरूरत होगी। इसके लिए 18-23 साल के युवाओं को हर महीने स्टाइपेंड मिलेगा।

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