उत्तर प्रदेश

गोंडा मेडिकल कॉलेज में उल्टी-दस्त और पेट दर्द के मरीजों की संख्या दोगुनी, बेड की कमी, गैलरी में भी लगाए गए बेड

गोंडा:-  मेडिकल कॉलेज में उल्टी-दस्त व पेट दर्द के मरीजों की संख्या करीब दोगुनी हो गई है। मेडिकल वार्ड के 32 बेड फुल होने के बाद गैलरी व वार्ड के बाहर भी बेड लगाए गए हैं। भीषण गर्मी में खानपान में अनियमितता लोगों के लिए आफत बन रही है। मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी व ओपीडी के बाद अब मेल व फीमेल वार्ड उल्टी दस्त व पेट दर्द के मरीजों से भर गए हैं। जहां हर रोज पांच से छह मरीज भर्ती होते थे, वहां अब औसतन 15 मरीज भर्ती हो रहे हैं। फिजीशियन डॉ. एके त्रिपाठी ने बताया कि इस समय मौसम जनित बीमारी उल्टी, दस्त, बुखार व पानी की कमी से पीड़ित मरीज अधिक आ रहे हैं। जिनको उपचार के साथ खानपान में संयम रखने का सुझाव दिया जाता है।

बाल रोग विशेषज्ञ आफताब आलम ने बताया कि ओपीडी में आने वाले अधिकांश बच्चे वायरल बुखार, डायरिया व निमोनिया से पीड़ित होते हैं। इस समय ओपीडी में प्रतिदिन करीब 150 मरीज आ रहे हैं। बोतल से दूध पिलाने के कारण भी छोटे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। ओपीडी में आने वाली माताओं को स्तनपान कराने या गिलास-कटोरी से दूध पिलाने का सुझाव दिया जा रहा है। चिल्ड्रेन वार्ड व पीआईसी में इस समय 16 बच्चे भर्ती हैं। मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को गर्मी से बचाने का इंतजाम नाकाफी है।

मेडिकल समेत विभिन्न वार्डों में कूलर की व्यवस्था नहीं है। पंखा लगा भी है तो वह धीरे-धीरे चल रहा है, जिसकी हवा बेड तक पहुंच ही नहीं पाती। इससे मरीज के तीमारदार हाथ का पंखा चलाकर गर्मी से निजात पाने का प्रयास कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि गर्मी बढ़ने की वजह से मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ी है। वार्डों में कूलर की व्यवस्था की जाएगी, ताकि मरीजों को गर्मी से निजात मिल सके। नई बिल्डिंग में 45 बेड का मेडिसिन वार्ड शुरू किया गया है।

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