उत्तराखण्ड

दयारा बुग्याल ट्रैक पर लापता हुई MBA छात्रा

उत्तराखंड के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रैक से एक 30 वर्षीय युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। नैनीताल जिले के रामनगर निवासी बबीता पांडे, जो एमबीए की छात्रा होने के साथ एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, ट्रैकिंग के दौरान रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो गई हैं। घटना के बाद प्रशासन और बचाव एजेंसियों में हड़कंप मचा हुआ है।

जानकारी के अनुसार बबीता पांडे 29 मई को पांच अन्य लोगों के साथ उत्तरकाशी के रायथल गांव से दयारा बुग्याल ट्रैक के लिए रवाना हुई थीं। यह पूरा ट्रैकिंग कार्यक्रम एक निजी एडवेंचर एजेंसी द्वारा आयोजित किया गया था। शुरुआती चरण में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन रात के समय अचानक बबीता के लापता होने की खबर सामने आई।

बताया जा रहा है कि 29 मई की रात बबीता अपने टेंट से बाहर निकली थीं। इसके बाद वह वापस नहीं लौटीं। काफी तलाश के बाद भी जब उनका कोई पता नहीं चला तो मामले की सूचना प्रशासन को दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में खोजबीन शुरू कर दी गई।

युवती की तलाश के लिए एसडीआरएफ, पुलिस, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। आसपास के जंगलों, पहाड़ी रास्तों और संभावित क्षेत्रों में गहन खोजबीन की जा रही है, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है।

इस घटना ने एडवेंचर टूरिज्म और ट्रैकिंग सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे दुर्गम ट्रैक पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए। साथ ही किसी भी आपात स्थिति के लिए प्रभावी रेस्क्यू प्लान और निगरानी व्यवस्था होना जरूरी है। मामले में यह सवाल भी उठ रहे हैं कि युवती के लापता होने के बाद प्रशासन को सूचना देने में देरी क्यों हुई। क्या ट्रैकिंग एजेंसी ने समय पर जिम्मेदारी निभाई या फिर कहीं कोई लापरवाही हुई है? इन पहलुओं की भी जांच की जा रही है। फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस बबीता पांडे की सुरक्षित तलाश पर है। परिजन भी लगातार उत्तरकाशी में मौजूद रहकर खोज अभियान की जानकारी ले रहे हैं। घटना ने ट्रैकिंग और एडवेंचर गतिविधियों में सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parvat Sankalp News