उत्तर प्रदेश

2027 चुनाव से पहले भाजपा का सर्वे बना चर्चा का विषय, एंटी इनकंबेंसी के संकेतों से बढ़ी विधायकों की चिंता

मुरादाबाद:- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से कराए जा रहे संगठनात्मक सर्वे ने पार्टी के भीतर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, सर्वे रिपोर्ट में कई मौजूदा विधायकों के प्रति जनता की नाराजगी सामने आने की बात कही गई है। इसी आधार पर कुछ सीटों पर उम्मीदवार बदलने की सिफारिश किए जाने की भी चर्चा है। मुरादाबाद मंडल, जिसे लंबे समय से समाजवादी पार्टी का प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है, वहां भाजपा के लिए यह रिपोर्ट अहम मानी जा रही है। वर्तमान में मंडल की 27 विधानसभा सीटों में भाजपा के पास 12 सीटें हैं, जबकि सहयोगी दल अपना दल (एस) के पास एक सीट है। समाजवादी पार्टी के खाते में 14 सीटें हैं।

लगातार दूसरी बार जीतने वाले विधायक भी चर्चा में

भाजपा के अधिकांश विधायक लगातार दूसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं। केवल कुंदरकी से रामवीर सिंह और रामपुर से आकाश सक्सेना उपचुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने हैं। ऐसे में टिकट वितरण को लेकर संभावित बदलाव की चर्चाओं ने कई मौजूदा विधायकों की चिंता बढ़ा दी है।

तीन चरण पूरे, चौथा सर्वे जल्द संभव

पार्टी सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए अब तक तीन चरणों में सर्वे कराया जा चुका है। अगस्त या सितंबर में चौथे चरण का सर्वे भी कराया जा सकता है। बताया जा रहा है कि तीनों सर्वे रिपोर्टों में कुछ क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी का संकेत मिला है। सूत्रों का दावा है कि सर्वे एजेंसी ने लगभग 35 प्रतिशत सीटों पर नए उम्मीदवारों को मौका देने का सुझाव दिया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि किन-किन क्षेत्रों या विधायकों के नाम इस दायरे में शामिल हैं।

भाजपा ने नहीं की आधिकारिक पुष्टि

इन चर्चाओं के बीच भाजपा संगठन की ओर से किसी भी संभावित टिकट परिवर्तन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि संगठन समय-समय पर फीडबैक और सर्वे कराता रहता है, लेकिन अभी विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर ने कहा कि फिलहाल पार्टी का मुख्य फोकस एमएलसी चुनाव पर है और विधानसभा चुनाव के लिए आवेदन प्रक्रिया भी अभी शुरू नहीं हुई है।

मंडल का वर्तमान राजनीतिक समीकरण

मुरादाबाद मंडल की 27 विधानसभा सीटों में भाजपा के पास 12 सीटें हैं, जबकि एक सीट सहयोगी अपना दल (एस) के पास है। समाजवादी पार्टी 14 सीटों के साथ सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनी हुई है। 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद हुए उपचुनावों में भाजपा ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि एक सीट सहयोगी दल के खाते में गई थी।

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