उत्तराखण्ड

हरिद्वार कांवड़ मेले में सुरक्षा हाई अलर्ट पर, 76 लाख से अधिक श्रद्धालु गंगाजल लेकर लौटे, अधिकारियों ने किया जमीनी निरीक्षण

हरिद्वार:- कांवड़ यात्रा 2026 अपने अंतिम और सबसे व्यस्त चरण में पहुंच चुकी है। अब तक 76 लाख से अधिक शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल भरकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं, जबकि श्रद्धालुओं का लगातार आगमन जारी है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन Aने सुरक्षा, यातायात और मेला प्रबंधन को लेकर पूरी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। सोमवार को उत्तराखंड के आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे और डीआईजी गढ़वाल धीरेंद्र सिंह गुंज्याल ने हरिद्वार पहुंचकर कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने मेला क्षेत्र के विभिन्न सेक्टरों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात संचालन और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

कांवड़ पटरी और संवेदनशील क्षेत्रों का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान आईजी एसटीएफ ने एसएसपी हरिद्वार और अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ कांवड़ पटरी, बैरागी कैंप तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा किया। उन्होंने पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

नए ट्रैफिक प्लान की लगातार हो रही मॉनिटरिंग

प्रशासन इस वर्ष लागू किए गए नए ट्रैफिक प्लान की लगातार समीक्षा कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जमीनी हालात के आधार पर यातायात व्यवस्था का मूल्यांकन किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत बदलाव भी किए जाएंगे, ताकि कांवड़ियों और स्थानीय लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब सहित पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ भी निरंतर समन्वय बनाए रखा गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों से मिलने वाली सूचनाओं का आदान-प्रदान लगातार किया जा रहा है, जिससे किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

श्रद्धालुओं से लिया फीडबैक

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कई कांवड़ियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं पर उनकी राय भी जानी। अधिकांश श्रद्धालुओं ने सुरक्षा और सुविधाओं को संतोषजनक बताया। हालांकि मिले सुझावों के आधार पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश भी दिए गए।

4 अगस्त के बाद और बढ़ेगी भीड़

पुलिस प्रशासन का अनुमान है कि 4 अगस्त को पंचक समाप्त होने के बाद हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक वृद्धि होगी। इसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

डाक कांवड़ के लिए विशेष तैयारी

प्रशासन ने डाक कांवड़ को ध्यान में रखते हुए भी विशेष इंतजाम किए हैं। सभी निर्धारित पार्किंग स्थलों को सक्रिय रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि डाक कांवड़ शुरू होने के बाद कांवड़ पटरी पर दबाव कुछ कम होगा, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से ट्रैफिक प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन सकता है। इसी को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और निगरानी व्यवस्था तैनात की गई है।

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