नारसन बॉर्डर से सप्तऋषि चेक पोस्ट तक, 112 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे

हरिद्वार;-  नारसन बॉर्डर से लेकर सप्तऋषि चेक पोस्ट तक तक अब 112 सीसीटीवी कैमरे और लगाए जाएंगे। पहले से 288 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अब इनकी संख्या 400 हो जाएगी। अब सारी गतिविधि की नजर सीसीटीवी कैमरों से रखी जाएगी। इसके लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कैंप कार्यालय में भी सिस्टम लगा दिया गया है, जहां से खुद कप्तान जिलेभर की गतिविधियों पर भी नजर रख रहे हैं। हर प्रमुख चौराहे के साथ ही हाईवे भी तीसरी आंख की निगरानी में है और कुछ भी हलचल होने पर पुलिस हरकत में आ जाती है। हरिद्वार शहर से लेकर रुड़की और नारसन बॉर्डर तक मेला नियंत्रण भवन सीसीआर में कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाती है। फिलहाल 288 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। आपराधिक घटनाएं होने पर अधिकांश मामलों में यहीं से फुटेज खंगालते हुए आरोपियों की पहचान की जाती है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी बड़े स्नान पर्व और मेलों के दौरान हाईवे और चौराहों पर भीड़ की स्थिति पर नजर रखते हैं। अभी जिलेभर में नारसन बॉर्डर से लेकर हरिद्वार तक मुख्य चौराहों और मार्गों पर करीब 288 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन जल्द ही अब इनकी संख्या 400 करने की तैयारी चल रही है। सीसीआर के बाद अब एसएसपी कैंप कार्यालय में भी सीसीटीवी कैमरों का सिस्टम लगाया गया हैं, जहां से कप्तान प्रमेंद्र सिंह डोबाल खुद पूरे जिले में नजर रख रहे हैं। किसी चौराहे पर पुलिसकर्मी तैनात है या नहीं, जाम लगने के बाद क्या स्थिति बनी है ये देखते ही तुरंत सर्विलांस सिस्टम पर निर्देश जारी हो रहे हैं। जिसके बाद पुलिस तुरंत हरकत में आ रही है। जिलेभर में हाईटेक सीसीटीवी कैमरे स्टेप बाई स्टेप लगाए जा रहे हैं। एक श्रेणी में प्रमुख चौराहे, एक में हाईवे, एक में गंगा घाट और यात्री बाहुल्य क्षेत्र, एक में बाजार, एक में शहर के अन्य हिस्से शामिल किए गए हैं। आपराधिक घटना होने पर सीसीटीवी से तुरंत आसानी से पहचान कर आरोपियों की धरपकड़ की जा सके, इन सब चीजों को ध्यान में रखकर और अधिक कैमरे लगाने का काम चल रहा है।

सीसीटीवी कैमरे वर्कआउट करने में बेहद अहम साबित हो रहे हैं। पूरे जिले में लगे सीसीटीवी कैमरों से सीसीआर से निगरानी होती है, लेकिन अब कैंप कार्यालय में भी इसका सिस्टम लगाया गया है। हर गतिविधि पर कैमरों से निगरानी की जा रही है। जल्द ही और अधिक हाईटेक कैमरे लगवाए जाएंगे।
प्रमेंद्र सिंह डोबाल, एसएसपी हरिद्वार

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