रामनगर में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवक पर जानलेवा हमला, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

रामनगर: उत्तराखंड सरकार जहां प्रदेश को नशामुक्त और अपराधमुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चलाने का दावा कर रही है, वहीं नैनीताल जिले के रामनगर के पिरूमदारा क्षेत्र से सामने आई एक घटना ने इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिरूमदारा के कंदला थारी गांव में कथित तौर पर नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक युवक पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घायल युवक को गंभीर हालत में रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। घायल युवक 30 वर्षीय शेर सिंह का आरोप है कि वह पिछले काफी समय से अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहा था। उसका कहना है कि थारी और पिरूमदारा क्षेत्र में कथित रूप से नशे का अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा है, जिसके कारण चोरी, झगड़े और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। उसने कई बार पुलिस को शिकायतें देकर कार्रवाई की मांग की थी और स्थानीय लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया था।
पीड़ित के अनुसार, नशे के खिलाफ उसकी सक्रियता कुछ लोगों को नागवार गुजर रही थी। उसका आरोप है कि शनिवार शाम करीब सात बजे वह थारी क्षेत्र स्थित एक सैलून में बाल कटवाने गया था। इसी दौरान तीन से चार लोग वहां पहुंचे और अचानक उस पर हमला कर दिया। शेर सिंह का कहना है कि हमलावरों में से एक के हाथ में पिस्तौल थी, जिसने पिस्तौल की बट से उसके चेहरे पर वार किया, जबकि अन्य लोगों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से बेरहमी से मारपीट की। हमले में उसे गंभीर चोटें आईं और स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद शेर सिंह ने पिरूमदारा चौकी पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि क्षेत्र में नशे की बिक्री को लेकर कई बार पुलिस को लिखित और मौखिक शिकायतें दी गईं। यहां तक कि स्कूलों के आसपास कथित रूप से नशा बेचे जाने की जानकारी भी पुलिस को दी गई, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को इस तरह निशाना नहीं बनाया जाता।
पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि पिरूमदारा और थारी क्षेत्र में कथित नशे के नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. तोहिद ने बताया कि घायल युवक को प्राथमिक उपचार देने के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है। वहीं, मामले पर रामनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार ने कहा कि पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कथित नशे के कारोबार को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अवैध गतिविधियों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाए, तो ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है।




