DAV छात्रसंघ चुनाव को लेकर कांग्रेस की बैठक, प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल; जांच और कानूनी राय की तैयारी

देहरादून: डीएवी पीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव 2026 के दौरान सामने आए हंगामे और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने अब मामले को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से गठित समन्वय समिति की बैठक बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हुई। बैठक में चुनाव के दौरान सामने आए घटनाक्रम, मतगणना की प्रक्रिया और प्रशासन की भूमिका को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। समिति की बैठक की अध्यक्षता पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष वीरेंद्र पोखरियाल ने की। कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करने और मामले में आगे की रणनीति तय करने की बात कही गई है। डीएवी पीजी कॉलेज में 29 सितंबर को हुए छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी के नवदीप राणा ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। मतगणना के दौरान कॉलेज परिसर में हंगामे की भी खबरें सामने आई थीं। वहीं SFI के शैलेंद्र सिंह नेगी ने उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल की।
चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
बैठक में समिति अध्यक्ष वीरेंद्र पोखरियाल ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया की समझ देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में चुनाव की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न होना जरूरी है। कांग्रेस का आरोप है कि डीएवी पीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव के दौरान प्रशासन की भूमिका को लेकर कई सवाल सामने आए। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए प्रशासनिक दबाव का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।हालांकि, ये कांग्रेस द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में मतगणना के दौरान हंगामे और विभिन्न छात्र संगठनों के बीच तनाव की जानकारी जरूर सामने आई है, लेकिन प्रशासन द्वारा चुनाव परिणाम को प्रभावित किए जाने के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष किसी स्वतंत्र जांच के बाद ही निकाला जा सकता है।
मतगणना के दौरान हंगामे का भी मुद्दा उठा
समन्वय समिति की बैठक में मतगणना केंद्र पर हुए हंगामे को भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि मतगणना स्थल पर एबीवीपी से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं की ओर से कथित तौर पर अव्यवस्था पैदा की गई। मीडिया रिपोर्टों में भी डीएवी पीजी कॉलेज के मतगणना केंद्र पर हंगामे की तस्वीरें और खबरें सामने आई थीं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, मतगणना के दौरान एबीवीपी और अन्य छात्र संगठनों के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। कांग्रेस का कहना है कि यदि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी पक्ष ने निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी ने संबंधित मामलों में जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठाई है।
चुनाव परिणामों के बीच प्रशासन की भूमिका बनी राजनीतिक मुद्दा
डीएवी चुनाव में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के नवदीप राणा की जीत बेहद करीबी अंतर से हुई। विभिन्न रिपोर्टों में जीत का अंतर 94 से 96 वोट के बीच बताया गया है। नवदीप राणा को 1,759 वोट मिले थे। वहीं उपाध्यक्ष पद पर SFI के शैलेंद्र सिंह नेगी को 2,253 वोट मिले और उन्होंने 785 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, डीएवी में यह SFI की पहली जीत बताई गई है। करीबी मुकाबले और मतगणना के दौरान हुए विवाद के कारण चुनाव प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
कांग्रेस ने कहा- पूरे मामले की होगी समीक्षा
समन्वय समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र पोखरियाल ने कहा कि समिति चुनाव से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही है। इसमें मतदान से लेकर मतगणना और परिणाम घोषित किए जाने तक की प्रक्रिया को शामिल किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि वह उपलब्ध दस्तावेजों, घटनाक्रम और संबंधित पक्षों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे मामले की समीक्षा करेगी। पार्टी की ओर से यह भी बताया गया कि मामले को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ताओं से कानूनी राय ली जा रही है। कानूनी राय और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व से प्राप्त निर्देशों के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला किया जाएगा।
सड़क से सदन तक मामला उठाने की तैयारी
वीरेंद्र पोखरियाल ने कहा कि यदि जांच और उपलब्ध तथ्यों से चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक और कानूनी स्तर पर उठाएगी। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि मामले को सड़क से लेकर सदन तक उठाने की रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, अभी समिति की ओर से किसी न्यायिक या प्रशासनिक मंच पर औपचारिक शिकायत की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। आगे की रणनीति प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के निर्देश और कानूनी सलाह के बाद तय होने की बात कही गई है।
DAV चुनाव के बाद छात्र राजनीति में बढ़ी हलचल
डीएवी पीजी कॉलेज का छात्रसंघ चुनाव इस बार कई वजहों से चर्चा में रहा। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के नवदीप राणा की जीत के साथ ही उपाध्यक्ष पद पर SFI के शैलेंद्र सिंह नेगी की जीत ने परिणामों को बहुस्तरीय बना दिया। इसके अलावा मतगणना के दौरान हुए हंगामे ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर अलग बहस खड़ी कर दी। अब कांग्रेस की समन्वय समिति द्वारा मामले की समीक्षा और कानूनी राय लेने की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने आरोपों की जांच की मांग की है, जबकि पूरे मामले में अंतिम तथ्य और जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित प्रशासनिक अथवा कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।




