उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारी तेज, सभी सीटों पर होगा इंटरनल सर्वे
विधायकों और टिकट के दावेदारों की सक्रियता, जनसंपर्क और संगठन के प्रति समर्पण को बनाया जाएगा आधार

देहरादून:- उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी की ओर से प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर मौजूदा विधायकों के साथ-साथ चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले नेताओं का आंतरिक सर्वे कराने की तैयारी की जा रही है। इस सर्वे के जरिए संभावित उम्मीदवारों की क्षेत्र में पकड़ और संगठन के प्रति सक्रियता का आकलन किया जाएगा। कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने बताया कि टिकट वितरण की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है और इसमें आंतरिक सर्वे की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। पार्टी चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं के कामकाज, क्षेत्र में उनकी सक्रियता और संगठन के साथ उनके तालमेल समेत कई पहलुओं को आधार बनाएगी।
कांग्रेस के स्तर पर अलग-अलग सर्वे की तैयारी
डॉ. प्रतिमा सिंह के मुताबिक, कांग्रेस में उम्मीदवारों के चयन के लिए विभिन्न स्तरों पर सर्वे की प्रक्रिया होती है। एक सर्वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी यानी AICC की ओर से कराया जाता है, जिसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि संभव है कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व उत्तराखंड के नेताओं और मौजूदा विधायकों को लेकर अपना आकलन कर रहा हो। हालांकि, इस तरह के सर्वे की आधिकारिक जानकारी आमतौर पर सार्वजनिक नहीं होती।
राहुल गांधी भी उत्तराखंड चुनाव में ले रहे रुचि: प्रतिमा सिंह
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी उत्तराखंड में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर विशेष रुचि दिखा रहे हैं। उनके मुताबिक, केंद्रीय स्तर पर भी पार्टी की ओर से संभावित उम्मीदवारों को लेकर सर्वे कराया जा सकता है। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व भी अपने स्तर पर अलग सर्वे कराने की तैयारी में है। इसमें मौजूदा विधायकों और टिकट के दावेदार नेताओं का जमीनी स्तर पर आकलन किया जाएगा।
जनता के बीच छवि से लेकर संगठन में पकड़ तक होगी जांच
प्रदेश कांग्रेस के सर्वे में संभावित उम्मीदवारों की जनता के बीच छवि को खास महत्व दिया जाएगा। विधानसभा क्षेत्र में नेता की सक्रियता, लोगों के साथ संवाद और स्थानीय समस्याओं को लेकर उनकी भूमिका का भी आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि संबंधित नेता को पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन का कितना समर्थन हासिल है तथा वह पार्टी के प्रति कितना समर्पित है।
पार्टी की विचारधारा और जनसंपर्क भी होंगे अहम
सर्वे के दौरान यह भी परखा जाएगा कि कौन नेता पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जनता के बीच प्रभावी तरीके से पहुंचा रहा है। इसके अलावा नेता पार्टी संगठन को कितना समय देता है और विधानसभा क्षेत्र में लोगों के सुख-दुख में उसकी भागीदारी कैसी रहती है, इन पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। कांग्रेस का मानना है कि चुनावी मैदान में ऐसे चेहरों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए जिनकी जनता के बीच मजबूत पकड़ हो और जो संगठन के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम कर सकें।
सर्वे रिपोर्ट के बाद चयन समिति करेगी मंथन
सर्वे पूरा होने के बाद इसकी रिपोर्ट पार्टी की चयन समिति के सामने रखी जाएगी। इसके आधार पर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद चयनित नामों को कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति यानी CEC के सामने रखा जाएगा। वहां चर्चा और विचार-विमर्श के बाद ही विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम उम्मीदवारों के नाम तय किए जाएंगे।
टिकट के दावेदारों के लिए आसान नहीं होगी राह
कांग्रेस की इस प्रक्रिया से साफ है कि आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी करने वाले नेताओं के लिए केवल पार्टी में सक्रिय रहना पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें जनता के बीच अपनी मजबूत मौजूदगी, संगठन में पकड़ और पार्टी के प्रति समर्पण भी साबित करना होगा। पार्टी का आंतरिक सर्वे संभावित उम्मीदवारों के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और इसी के आधार पर कई सीटों पर नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना भी बन सकती है।



