पिथौरागढ़

पिथौरागढ़ में मौसम ने बदली करवट, आदि कैलाश-ओम पर्वत में सीजन की पहली बर्फबारी; 11 सड़कें बंद, चमोली में बदरीनाथ-हेमकुंड भी बर्फ से ढके

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। शुक्रवार दोपहर से शुरू हुई बारिश के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। व्यास घाटी के आदि कैलाश और ओम पर्वत क्षेत्र में इस सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। नाभीढांग, गुंजी और कुटी समेत 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ रुक-रुककर बर्फ गिर रही है।उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का असर तापमान पर भी दिखाई देने लगा है। ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड तेजी से बढ़ी है, जबकि पिथौरागढ़ जिले के निचले क्षेत्रों में भी बारिश के कारण मौसम ठंडा हो गया है। चमोली जिले में भी मौसम ने करवट ली है। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी होने से दोनों तीर्थस्थलों का नजारा पूरी तरह बदल गया है।

नाभीढांग और गुंजी में भी बर्फबारी

केएमवीएन के नाभीढांग पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक नरेंद्र बिष्ट के मुताबिक शुक्रवार शाम करीब चार बजे से नाभीढांग क्षेत्र में रुक-रुककर हल्की बर्फबारी के साथ बारिश हो रही है। लगभग 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस क्षेत्र में बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंड बढ़ गई। वहीं, केएमवीएन गुंजी के प्रबंधक होशियार रावत ने बताया कि गुंजी क्षेत्र में भी बारिश के साथ हल्की बर्फबारी हो रही है। 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले कई गांवों में बर्फ गिरने की जानकारी है। मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण व्यास घाटी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्दी का असर बढ़ गया है।

आदि कैलाश की चोटियों पर गिरी सीजन की पहली बर्फ

आदि कैलाश क्षेत्र में भी मौसम ने अपना रंग बदल दिया है। करीब 12,303 फीट की ऊंचाई पर स्थित कुटी गांव के होम स्टे संचालक कुंवर सिंह कुटियाल के अनुसार आदि कैलाश की चोटियों और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है।बारिश और बर्फबारी के बाद पूरे इलाके में ठंड बढ़ गई है। ऊंची चोटियों पर बर्फ की सफेद चादर दिखाई देने लगी है, जिससे क्षेत्र का प्राकृतिक दृश्य भी बदल गया है।

मौसम खराब होने से आदि कैलाश यात्रा पर असर

व्यास घाटी में इन दिनों आदि कैलाश यात्रा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। ऐसे में अचानक बदले मौसम ने यात्रा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश के कारण यात्रियों को मौसम की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उच्च हिमालय में मौसम बिगड़ने के कुछ समय बाद धारचूला नगर और आसपास के निचले इलाकों में भी बारिश शुरू हो गई। दिनभर मौसम में उतार-चढ़ाव के बाद शाम को बारिश का असर बढ़ गया। इसके साथ ही सीमांत क्षेत्रों में तापमान में भी गिरावट महसूस की गई।

पिथौरागढ़ में स्कूलों में अवकाश, इनर लाइन परमिट पर भी रोक

लगातार बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। धारचूला तहसील प्रशासन की ओर से शनिवार को इनर लाइन परमिट जारी नहीं करने का निर्णय लिया गया। एसडीएम आशीष जोशी के अनुसार 20 से 25 सितंबर के बीच कुल 2,783 इनर लाइन परमिट जारी किए जा चुके हैं। वहीं जिले में बारिश की स्थिति को देखते हुए शनिवार को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

बारिश के कारण 11 सड़कें बंद

लगातार बारिश के कारण पिथौरागढ़ जिले में कई मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक जिले की अलग-अलग तहसीलों में कुल 11 सड़कें बंद हैं। इन मार्गों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें काम कर रही हैं।

बंद मार्गों में—

  • घाट-पिथौरागढ़ मोटर मार्ग
  • धारचूला-तवाघाट मोटर मार्ग
  • तवाघाट-गुंजी मोटर मार्ग
  • ड्योरा-बारमू मोटर मार्ग
  • देविचौना-जमतड़ी मोटर मार्ग
  • बड़ाबे-तोली-शिलिंगिया मोटर मार्ग
  • सोबला-उमचिया मोटर मार्ग
  • एलागाड़-जुम्मा मोटर मार्ग
  • घापाबैंड-बुई-पातों मोटर मार्ग
  • देविसौना-गराली-कूटा मोटर मार्ग
  • कंज्योति-नारायण आश्रम मोटर मार्ग शामिल हैं।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने बताया कि लगातार बारिश के कारण बंद हुई सड़कों को खोलने का काम जारी है। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

चमोली में भी बदला मौसम, बदरीनाथ-हेमकुंड में बर्फबारी

पिथौरागढ़ के साथ चमोली जिले में भी मौसम ने अचानक करवट बदली। जिले के निचले इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा, जबकि ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई। विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम और सिखों के प्रमुख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब में सुबह से ही बर्फबारी देखने को मिली। बारिश और बर्फ गिरने के बाद दोनों क्षेत्रों में तापमान नीचे चला गया और ठंड का असर बढ़ गया।ऊंचाई वाले इलाकों में धुंध और कोहरे की स्थिति भी बनी हुई है। वहीं निचले क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण मौसम ठंडा हो गया है।

बर्फबारी से बदरीनाथ और हेमकुंड का नजारा बदला

बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के बाद दोनों तीर्थस्थलों का प्राकृतिक दृश्य बेहद आकर्षक हो गया है। सफेद बर्फ से ढकी चोटियां और आसपास छाई धुंध यात्रियों के लिए खास आकर्षण बनी हुई हैं। बताया जा रहा है कि इस सीजन में हेमकुंड साहिब में यह दूसरी बर्फबारी है। हालांकि मौसम में बदलाव के बावजूद बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा जारी है। प्रशासन और संबंधित विभाग मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button