CM धामी ने टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले जत्थे को दिखाई हरी झंडी

आज यानी 5 जुलाई से पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जिले के टनकपुर कैंप में आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के पहले दल को हरी झंडी दिखाकर विधिवत रवाना किया। मुख्यमंत्री ने यात्रियों का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और यात्रा के सफल एवं मंगलमय होने की कामना की। टनकपुर कैंप में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कैलाश मानसरोवर यात्रियों के साथ आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और सनातन परंपरा से जुड़ने का एक पावन अवसर है। भगवान शिव के पवित्र धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालु जहां आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करते हैं, वहीं वे देश की सांस्कृतिक विरासत के भी प्रतिनिधि बनते हैं।

मुख्यमंत्री ने यात्रियों से आग्रह किया कि वे कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, लोक कला और देवभूमि की पहचान को भी देश-विदेश तक पहुंचाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि जब श्रद्धालु अपने-अपने क्षेत्रों में लौटें, तो वे उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर और यहां के आतिथ्य का संदेश भी लोगों तक अवश्य पहुंचाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से धारचूला और सीमांत क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान की भावना के अनुरूप यात्रियों को स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, पारंपरिक वस्तुएं और अन्य स्थानीय उत्पाद खरीदने चाहिए। इससे स्थानीय कारीगरों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और छोटे उत्पादकों को आर्थिक मजबूती मिलेगी तथा सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार कैलाश मानसरोवर यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सा, सुरक्षा, आवास, भोजन, परिवहन और संचार जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी एक महत्वपूर्ण यात्रा है। इससे पर्यटन, स्थानीय व्यापार और सीमांत क्षेत्रों के विकास को भी प्रोत्साहन मिलता है। सरकार का प्रयास है कि आने वाले वर्षों में इस यात्रा को और अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाए।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान शिव से उनकी सुखद, सुरक्षित और सफल यात्रा की प्रार्थना की।

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