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जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई रिटर्निंग ऑफिसर एवं एसडीएम की शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत में कहा गया है कि 18 मई को नगर काउंसिल चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान बंटी रोमाणा अपने समर्थकों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कर्मचारियों और सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के साथ बहस की।

शिकायत के मुताबिक नामांकन प्रक्रिया के दौरान कार्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया था। आरोप है कि इस दौरान सरकारी कर्मचारियों के कामकाज में बाधा पहुंचाई गई और ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों तथा सुरक्षा कर्मियों को कथित तौर पर धमकियां भी दी गईं। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, दस्तावेजों तथा उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मामले में नामजद और अज्ञात व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि फरीदकोट में पहले से ही राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। हाल ही में शिरोमणि अकाली दल के शहरी जिला अध्यक्ष सतीश ग्रोवर की गिरफ्तारी को लेकर भी राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। इस मामले के विरोध में अकाली दल द्वारा थाना परिसर के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया था, जिसमें पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल भी शामिल हुए थे।

अब बंटी रोमाणा के खिलाफ दर्ज हुए नए मामले ने जिले की राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निकाय चुनावों के बीच इस प्रकार की घटनाएं चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना सकती हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना उसकी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की बाधा या कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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