विश्व पर्यावरण दिवस से प्रारंभ हुए पर्यावरण सप्ताह के समापन अवसर पर हिमालय पर्यावरण सोसायटी द्वारा दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर में एक भव्य सम्मान समारोह एवं अभिनंदन ग्रंथ लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पिछले पांच दशकों से पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय वरिष्ठ पर्यावरणविद् जगदीश बाबला के 50 वर्षीय सेवाकाल को सम्मानपूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित जीवन पर आधारित अभिनंदन ग्रंथ “हर दिल अजीज – जगदीश बाबला” के द्वितीय संस्करण का लोकार्पण किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यकार, शिक्षाविद्, पत्रकार, समाजसेवी, पर्यावरण प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कर्नल अजय कोठियाल, केसी, एससी, वीएसएम, राज्यमंत्री सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग, उत्तराखंड सरकार, कार्यक्रम अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार पद्माकांत शर्मा ‘प्रभात’, विशिष्ट अतिथि प्रो. बी.के. जोशी, कमला पंत एवं पर्यावरणविद् जगदीश बाबला द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। अपने संबोधन में जगदीश बाबला ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत व्यक्ति के अपने घर और आसपास से होती है। यदि हर व्यक्ति अपने घर, आंगन, मोहल्ले और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प ले, तो संपूर्ण समाज और विश्व को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाया जा सकता है।
कथक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में युवा कथक कलाकार आरुषि क्षेत्री ने सरस्वती वंदना की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर कार्यक्रम का वातावरण भक्तिमय बना दिया। इसके बाद दिल्ली से आए प्रसिद्ध कथक कलाकार आर्यव आनंद ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
हिमालय पर्यावरण सोसायटी के महासचिव रोहित कोचगवे ने स्वागत भाषण में संस्था की उपलब्धियों और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र पालीवाल ने विश्व पर्यावरण दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि जगदीश बाबला का जीवन सेवा, समर्पण और पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने बिना किसी सरकारी आर्थिक सहायता के वर्षों तक समाज और पर्यावरण के लिए कार्य किया है। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
पांच दशकों से जारी है हरित अभियान
हिमालय पर्यावरण सोसायटी पिछले 50 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और जनजागरण के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है। संस्था द्वारा देहरादून की तिब्बती कॉलोनी, हिंदी भवन परिसर, प्रेस क्लब, आशियाना परिसर, सहस्रधारा, चारणगांव, चकराता रोड समेत कई क्षेत्रों में हजारों पौधे लगाए गए। आज वर्षों पहले लगाए गए वही पौधे विशाल और छायादार वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। संस्था के इन प्रयासों को स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों द्वारा लगातार सराहा जा रहा है।
उत्तराखंड श्रेष्ठ सम्मान 2026 से विभूतियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली कई प्रतिष्ठित हस्तियों को “उत्तराखंड श्रेष्ठ सम्मान – 2026” से सम्मानित किया गया। सम्मानित विभूतियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके योगदान को सराहा गया। कार्यक्रम का संचालन भारती मिश्रा ने किया। अंत में संस्था अध्यक्ष जगदीश बाबला ने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों, सम्मानित व्यक्तियों और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमामय समापन हुआ।