देहरादून के रायपुर क्षेत्र स्थित विष्णुलोक में बुजुर्ग दंपती और उनकी घरेलू सहायिका की हत्या की घटना ने पूरे उत्तराखंड में सनसनी फैला दी है। राजधानी में एक ही घर में तीन लोगों की हत्या के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस घटना पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने गहरा दुख जताते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा है। गणेश गोदियाल ने कहा कि राजधानी देहरादून में एक घर में घुसकर तीन लोगों की हत्या होना बेहद गंभीर और चिंताजनक घटना है। उन्होंने कहा कि यह केवल पीड़ित परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति नहीं है, बल्कि राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
‘जब घर के अंदर ही लोग सुरक्षित नहीं तो सरकार जवाब दे’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आम नागरिक अपने घर को सबसे सुरक्षित स्थान मानता है, लेकिन यदि राजधानी में लोग घर के भीतर भी सुरक्षित नहीं हैं तो सरकार और पुलिस प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि रायपुर के विष्णुलोक में हुई वारदात ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गोदियाल ने मांग की कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पूरे मामले की तह तक जाए और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाए।
कानून-व्यवस्था के दावों पर कांग्रेस का सवाल
गणेश गोदियाल ने राज्य की भाजपा सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर किए जाने वाले दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग को लेकर लगातार दावे करती है, लेकिन राजधानी में सामने आने वाली गंभीर आपराधिक घटनाएं इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। उन्होंने कहा कि रायपुर का तिहरा हत्याकांड यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि राजधानी में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं तो राज्य के दूसरे हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी चिंता स्वाभाविक है।
हर पहलू से हो निष्पक्ष और समयबद्ध जांच
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार और पुलिस से ट्रिपल मर्डर केस की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि वारदात के पीछे की वजह, आरोपियों की भूमिका, घटना की पूरी परिस्थितियों और संभावित आपराधिक नेटवर्क समेत हर पहलू की जांच होनी चाहिए। गोदियाल ने कहा कि यदि जांच में किसी तरह की सुरक्षा चूक, पुलिस की लापरवाही या किसी अन्य नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो उसकी भी गंभीरता से पड़ताल होनी चाहिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की।
‘पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है कांग्रेस’
गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि राजधानी में वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और आम लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस की निगरानी व्यवस्था को मजबूत किए जाने की जरूरत है। केवल घटना के बाद कार्रवाई और बयान देने के बजाय अपराध की रोकथाम के लिए प्रभावी पुलिसिंग जमीन पर दिखाई देनी चाहिए। गोदियाल ने कहा कि देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में नागरिकों के भीतर सुरक्षा का भरोसा कायम करना सरकार और पुलिस प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से की मुलाकात
इधर, देहरादून में कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने प्रशासनिक स्तर पर भी अपनी नाराजगी दर्ज कराई। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद वर्धन से सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर अपनी चिंता जाहिर की और मुख्य सचिव को मांग पत्र सौंपा।
चौकी से जिला स्तर तक पुलिस को जवाबदेह बनाने की मांग
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि अपराध की घटनाओं को लेकर पुलिस की जवाबदेही तय की जाए। पार्टी ने चौकी, थाना, सर्किल और जिला स्तर तक अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करने की मांग रखी। कांग्रेस का कहना है कि किसी क्षेत्र में गंभीर अपराध होने के बाद केवल जांच और गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह भी तय होना चाहिए कि अपराध को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय पुलिसिंग की क्या भूमिका रही। देहरादून के रायपुर क्षेत्र में हुए इस तिहरे हत्याकांड के बाद अब पुलिस जांच के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। जहां पुलिस मामले की जांच में जुटी है, वहीं कांग्रेस ने सरकार से राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है।