देहरादून के बसंत विहार क्षेत्र में भाजपा पार्षद अमिता सिंह के घर हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। दून पुलिस ने मामले में दिल्ली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है और दिल्ली में टैक्सी चलाने की आड़ में चोरी की वारदातों में शामिल एक गिरोह से जुड़ा हुआ था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिनेश सुनार (27) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार उसके कब्जे से चोरी की घटना से जुड़ी नकदी बरामद की गई है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
29-30 सितंबर की रात हुई थी वारदात
पुलिस के मुताबिक, भाजपा पार्षद अमिता सिंह के घर चोरी की घटना 29 और 30 सितंबर की रात हुई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि घर में काम करने वाले नौकर भरत थापा ने कथित तौर पर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया था। पुलिस के अनुसार, खाना खाने के बाद घर के लोग बेहोशी की स्थिति में चले गए और इसी दौरान आरोपियों ने घर से ज्वैलरी और नकदी चोरी कर ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस की कई टीमों को जांच में लगाया गया।
CCTV फुटेज से सामने आया अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस के अनुसार फुटेज में वारदात में एक से अधिक लोगों के शामिल होने के संकेत मिले। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए HR नंबर वाली एक कार का इस्तेमाल किया था। इसके बाद पुलिस ने वाहन और संदिग्धों की गतिविधियों को लेकर जानकारी जुटानी शुरू की।
मुखबिर की सूचना पर दिल्ली से आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान मिली जानकारी और मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर टीम ने 6 अक्टूबर की रात दिनेश सुनार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को HR55 BB1055 नंबर की आर्टिका कार के साथ पकड़ा। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बसंत विहार की घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। जांच में पुलिस को पता चला कि दिनेश कथित तौर पर टैक्सी चलाने का काम करता था और अपने साथियों को अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने के लिए वाहन का इस्तेमाल करता था।
टैक्सी से साथियों को घटनास्थल तक पहुंचाता था आरोपी
पुलिस के अनुसार दिनेश सुनार अपने साथियों को टैक्सी के जरिए घटनास्थल के आसपास तक लेकर जाता था। वारदात के बाद वह उन्हें वापस भी छोड़ता था। पुलिस का कहना है कि इस काम के बदले उसे चोरी किए गए सामान में हिस्सा दिया जाता था। बसंत विहार की घटना के बाद उसके साथियों ने कथित तौर पर दिनेश को 50 हजार रुपये नकद दिए थे। बाकी हिस्सा चोरी के सामान को बेचने के बाद दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद नकदी को जांच का अहम हिस्सा माना है।
भरत थापा समेत चार आरोपी पुलिस की रडार पर
पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित तौर पर गिरोह में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक मामले में भरत थापा, आदित्य, अभिषेक और एलेक्स की भूमिका सामने आई है। पुलिस का कहना है कि ये सभी आरोपी नेपाली मूल के बताए जा रहे हैं और फिलहाल फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
चोरी के माल की बरामदगी के लिए भी जांच जारी
पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ चोरी की गई ज्वैलरी और अन्य सामान की बरामदगी के प्रयास में जुटी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी इससे पहले देहरादून या आसपास के इलाकों में इस तरह की अन्य वारदातों में शामिल रहे हैं या नहीं। फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी के पूरे माल की बरामदगी के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।