विकासनगर में 13 जून को हुए हिंसक विवाद के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। घटना के विरोध में हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने चकराता रोड पर प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन क्षेत्र में आक्रोश लगातार बना हुआ है।
मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई में देरी की जा रही है। इसी के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। हालात को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि विवाद की जड़ खेतों में पानी लगाने को लेकर चला आ रहा पुराना झगड़ा था। जानकारी के अनुसार अशोक कुमार और उनके पड़ोसी इश्तियाक के बीच ट्यूबवेल के पानी के उपयोग को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते एक पक्ष के कई लोग कथित रूप से हथियारों के साथ दूसरे पक्ष के घर पहुंचे और हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार हमलावरों ने घर में घुसकर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। घटना में विनोद कश्यप की गंभीर चोट लगने के बाद मौत हो गई। वहीं परिवार के अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। चकराता रोड पर लगाए गए जाम के कारण देहरादून-विकासनगर मार्ग पर यातायात लंबे समय तक बाधित रहा। पुलिस लगातार लोगों को समझाने और स्थिति को सामान्य करने का प्रयास करती रही।
इस बीच घटना से जुड़े कुछ कथित सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं, जिनकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।