चारधाम यात्रा में नया रिकॉर्ड! 30.62 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, BKTC को 74.50 करोड़ की आय

देहरादून/रुद्रप्रयाग। चारधाम यात्रा के बीच बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के बीच मंदिर समिति ने यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराना समिति की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मानसून के बावजूद चारधाम यात्रा निर्धारित व्यवस्था के तहत जारी है।
बदरीनाथ-केदारनाथ में 30 लाख से ज्यादा श्रद्धालु
भाजपा जिला कार्यालय में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान हेमंत द्विवेदी ने बताया कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में अब तक 30 लाख 62 हजार 228 से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, बदरीनाथ धाम में 16 लाख 12 हजार 112 और केदारनाथ धाम में 14 लाख 50 हजार 116 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार और भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए हैं।
मंदिर समिति को 74.50 करोड़ से अधिक की आय
बीकेटीसी अध्यक्ष के मुताबिक, दोनों धामों से अब तक मंदिर समिति को 74.50 करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है। इसमें अकेले केदारनाथ धाम से करीब 37 करोड़ रुपये की आय हुई है।
उन्होंने कहा कि मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं के साथ-साथ व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
तुंगनाथ समेत मंदिरों में लगेंगे CCTV कैमरे
हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मंदिर परिसरों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं की निगरानी को मजबूत करने के लिए तुंगनाथ सहित अन्य मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे मंदिर परिसरों में होने वाली गतिविधियों पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
हितधारकों के साथ लगातार समन्वय
चारधाम यात्रा को सुचारू बनाए रखने के लिए मंदिर समिति स्थानीय हक-हकूकधारियों, तीर्थ पुरोहितों, प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय कर रही है। समिति का प्रयास है कि यात्रा से जुड़े सभी पक्षों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
तीर्थ पुरोहितों के लिए बनाया गया कल्याण कोष
बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि तीर्थ पुरोहितों और अन्य संबंधित हितधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष का गठन किया गया है। वहीं, ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में बाजीगर ढोलवादकों की समस्याओं को लेकर चल रहा धरना भी बातचीत के माध्यम से समाप्त कराया गया है।
मंदिरों के संरक्षण और विकास पर जोर
उन्होंने कहा कि मंदिरों के संरक्षण और विकास से जुड़े कार्य भी लगातार आगे बढ़ाए जा रहे हैं। ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के कोठा भवन के दूसरे चरण का काम जल्द शुरू किए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
त्रियुगीनारायण को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की तैयारी
हेमंत द्विवेदी ने बताया कि प्रसिद्ध त्रियुगीनारायण मंदिर को वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित करने की योजना पर भी काम जारी है। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति अस्थायी कर्मचारियों के हितों को लेकर भी लगातार काम कर रही है और यात्रा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।




