गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों को मिले खुफिया इनपुट्स ने एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा किया है। रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष कमांडरों की एक गुप्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें भारत के खिलाफ अस्थिरता फैलाने की कथित रणनीति पर चर्चा की गई।
सूत्रों के मुताबिक यह बैठक 20 जनवरी की देर रात शुरू हुई, जिसमें आतंकी संगठनों के वरिष्ठ सदस्य और संचालक शामिल हुए। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ाने, सीमा पार से नेटवर्क को सक्रिय करने और पंजाब सहित अन्य क्षेत्रों में अशांति फैलाने की योजनाओं पर विचार किया गया।
खुफिया एजेंसियों के अनुसार पंजाब को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र मानते हुए वहां सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क और विदेशों में बैठे अपराधियों के संपर्कों का इस्तेमाल करने की कोशिश की गई। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हथियारों और अन्य संसाधनों की सप्लाई को लेकर भी चर्चा हुई तथा विभिन्न समूहों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
सूत्रों का कहना है कि बैठक में गणतंत्र दिवस के दौरान और उसके बाद भी देश में अस्थिरता पैदा करने के संभावित तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते अलर्ट जारी कर पंजाब और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर पंजाब पुलिस और सुरक्षा बलों ने कई संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई करते हुए कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं कई अन्य संदिग्धों और नेटवर्क से जुड़े लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं और संभावित खतरों को देखते हुए पंजाब सहित देश के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की देशविरोधी गतिविधि से निपटने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं।