अमृतसर जिले के मजीठा और आसपास के क्षेत्रों में बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। छह महीने की कड़ी मेहनत से तैयार गेहूं की फसल खेतों में गिरकर बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
किसान नेता गुरदेव सिंह गुरपाल ने बताया कि पहले अत्यधिक गर्मी और कीटों के प्रकोप से फसल प्रभावित हुई थी, जबकि हालिया बारिश और ओलावृष्टि ने बची हुई फसल को भी नुकसान पहुंचाया। किसानों का कहना है कि कई इलाकों में गेहूं की फसल को 50 से 100 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।
फसल के खेतों में गिर जाने से कटाई का खर्च बढ़ जाएगा, वहीं मंडियों में उचित मूल्य मिलने की संभावना भी कम हो गई है। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया है। किसानों को बैसाखी के अवसर पर अच्छी पैदावार और राहत की उम्मीद थी, लेकिन खराब मौसम ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। प्रभावित किसानों ने सरकार से जल्द गिरदावरी करवाने और प्रति एकड़ 70 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग की है, ताकि नुकसान की भरपाई हो सके।