पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले, छह जिलों के आरक्षण रोस्टर में बदलाव को मंजूरी

पंजाब सरकार की कैबिनेट बैठक शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक, ग्रामीण विकास और जल संसाधन प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के छह जिलों में आरक्षण रोस्टर में बदलाव को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को राहत देने और नदियों की क्षमता बढ़ाने के लिए कई स्थानों पर डीसिल्टिंग कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि मोहाली, पटियाला, फाजिल्का, फिरोजपुर, मलेरकोटला और संगरूर जिलों के आरक्षण रोस्टर में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। अब इस प्रस्ताव को सार्वजनिक किया जाएगा और आम लोगों से 10 दिनों के भीतर आपत्तियां एवं सुझाव मांगे जाएंगे। निर्धारित समय के बाद प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पंजाब पंचायती राज अधिनियम 1994 के नियमों में भी आवश्यक संशोधन किए गए हैं। सरकार के अनुसार जब किसी जिले, तहसील या ब्लॉक की सीमाओं में परिवर्तन होता है, तब स्थानीय निकायों के आरक्षण ढांचे में बदलाव करना जरूरी हो जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत संबंधित जिलों में रोस्टर संशोधन का निर्णय लिया गया है।

कैबिनेट बैठक में जल संरक्षण और बाढ़ प्रबंधन को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। सरकार ने सतलुज और घग्गर नदी से जुड़े कई संवेदनशील क्षेत्रों में गाद निकालने यानी डीसिल्टिंग कार्य को मंजूरी दे दी है। हरशा बेला (रोपड़), मंडाला ताजोबाल, बाढ़ाकाली राउन, रुकनेवाला, खैहराबाल, डेराबस्सी सहित कई नदी क्षेत्रों में यह कार्य किया जाएगा। सरकार का मानना है कि नदियों में जमा गाद हटने से जल प्रवाह बेहतर होगा और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा कम किया जा सकेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि जिन किसानों की जमीन इन नदी क्षेत्रों में आती है, वे भी निर्धारित नियमों के तहत डीसिल्टिंग कार्य कर सकेंगे। हालांकि इसके लिए उन्हें पहले संबंधित विभाग से आवश्यक अनुमति लेनी होगी। सरकार का उद्देश्य किसानों को राहत देने के साथ-साथ प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाना है।

बैठक के बाद राजनीतिक मुद्दों पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जनता हमेशा उन लोगों को पसंद करती है जो चुनौतियों का सामना करते हैं। उन्होंने संकेतों में कहा कि जो लोग मुश्किल समय में साथ छोड़ देते हैं, उन्हें जनता सकारात्मक नजर से नहीं देखती।

पंजाब कैबिनेट के इन फैसलों को ग्रामीण विकास, स्थानीय निकायों की व्यवस्था और बाढ़ प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इन कदमों से प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी और लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

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