दून मेडिकल कॉलेज मेस फीस मामले में बड़ी कार्रवाई, जांच के बाद लेखाकार निलंबित

दून मेडिकल कॉलेज (जीडीएमसी) में मेस फीस जमा कराने की प्रक्रिया में सामने आई कथित अनियमितताओं के मामले में प्रशासन ने पहली बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए आरोपी लेखाकार को निलंबित कर दिया है। निदेशालय स्तर पर हुई जांच में प्रथम दृष्टया गड़बड़ियों की पुष्टि होने के बाद यह कदम उठाया गया है। जानकारी के अनुसार, एमबीबीएस 2022, 2023, 2024 और 2025 बैच के विद्यार्थियों से मेस शुल्क कॉलेज के अधिकृत बैंक खाते में जमा कराने के बजाय कथित तौर पर मेस संचालक के निजी खातों में जमा कराया गया। आरोप है कि छात्रों को ऐसे QR कोड उपलब्ध कराए गए जिन पर कॉलेज का नाम अंकित था, जिससे अधिकांश छात्रों को यह विश्वास हो गया कि वे अधिकृत खाते में ही भुगतान कर रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि कुछ छात्रों द्वारा कॉलेज के नाम पर बनवाए गए डिमांड ड्राफ्ट वापस कराए गए और बाद में उन्हें निरस्त करवाकर अन्य माध्यम से फीस जमा कराई गई। इस पूरे घटनाक्रम में लेखा अनुभाग की भूमिका की भी जांच की गई।मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन और चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने अलग-अलग स्तर पर जांच शुरू की। जांच के दौरान लेखा शाखा के कर्मचारियों, हॉस्टल वार्डनों और अन्य संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की गई। शुरुआती कार्रवाई के तहत लेखा अनुभाग के कई कर्मचारियों का तबादला किया गया, जबकि हॉस्टल वार्डनों की जिम्मेदारियां भी बदल दी गईं।
सूत्रों के मुताबिक, निलंबित लेखाकार यूपीएनएल (UPNL) के माध्यम से नियुक्त था। निदेशालय के निर्देशों के बाद कॉलेज प्रशासन ने संबंधित एजेंसी को पत्र भेजकर उसकी सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। हालांकि जांच अभी जारी है। यदि आगे की जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पूरी व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।




